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Bengal Rural Polls: भंगोर में आईएसएफ समर्थकों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प, तीन की मौत, कई घायल
Wed, 12 Jul 2023 01:56 PM IST
देव कश्यप
पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता।
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 12 Jul 2023 01:56 PM IST
सार
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह घटना मंगलवार देर रात हुई जब आईएसएफ के सदस्यों ने कोलकाता से लगभग 30 किलोमीटर दूर भंगोर में मतगणना केंद्र के बाहर कथित तौर पर बम फेंके, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
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पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा।
- फोटो : PTI (फाइल फोटो)
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में मतगणना केंद्र के बाहर पुलिसकर्मियों और आईएसएफ (इंडियन सेक्युलर फ्रंट) समर्थकों के बीच हुई झड़प में तीन लोगों की मौत हो गई और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। मृतकों में आईएसएफ के दो कार्यकर्ता शामिल हैं। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दो मृत आईएसएफ समर्थकों की पहचान रेजाउल गाजी और हसन मोल्ला के रूप में की गई, जबकि एक अन्य मृतक व्यक्ति का नाम राजू मोल्ला था।
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उन्होंने बताया कि यह घटना मंगलवार देर रात हुई जब आईएसएफ के सदस्यों ने कोलकाता से लगभग 30 किलोमीटर दूर भंगोर में मतगणना केंद्र के बाहर कथित तौर पर बम फेंके और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। अधिकारी ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए कुछ राउंड रबर की गोलियां चलाईं और आंसू गैस के गोले छोड़े। उन्होंने बताया, एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी, उनके अंगरक्षक और कई अन्य पुलिसकर्मी और साथ ही आईएसएफ के कुछ कथित सदस्य झड़प में घायल हुए हैं।
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अधिकारी ने बताया कि घटना में कथित संलिप्तता के लिए कुछ लोगों को मौके से हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा, आधी रात के करीब भांगोर स्थित मतगणना केंद्र के बाहर कुछ लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने हमारे साथियों को निशाना बनाकर बम फेंके। जवाबी कार्रवाई में और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हमारे अधिकारियों ने लाठीचार्ज किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिसकर्मियों को कुछ राउंड आंसू गैस और रबर की गोलियां चलानी पड़ीं।
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अधिकारी ने कहा, घायल पुलिसकर्मियों और कई आईएसएफ समर्थकों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। भंगोर में, खासकर मतगणना केंद्र के बाहर पुलिसकर्मियों की एक बड़ी टीम तैनात की गई है। पुलिसकर्मी ने कहा, बुधवार सुबह भंगोर के कई इलाकों में देशी बम पाए गए। इसके बाद बम निरोधक दस्ते की एक टीम वहां पहुंची। दुकानें और बाजार बंद रहे क्योंकि स्थानीय लोगों ने घर के अंदर ही रहना पसंद किया।
बता दें कि राज्य निर्वाचन आयोग के पंचायत चुनाव की घोषणा करने के बाद आठ जून से ही भंगोर में तनाव व्याप्त है। राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस ने दो बार हिंसा प्रभावित भंगोर का दौरा किया था और वहां चुनाव संबंधी हिंसा में मारे गए एक व्यक्ति के परिवार के सदस्यों और घायल लोगों से मुलाकात की थी। बोस मंगलवार को नई दिल्ली से लौटने के तुरंत बाद उस क्षेत्र में गए थे, मुख्य रूप से चुनाव मतगणना के संदर्भ में वहां की स्थिति को समझने के लिए।
वहीं, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस बुधवार को पश्चिम बंगाल में हिंसा से प्रभावित ग्रामीण चुनावों में भारी जीत की ओर बढ़ रही है। रात भर हुई मतपत्रों की गिनती में उसे राज्य चुनाव आयोग द्वारा अब तक घोषित परिणामों में अजेय बढ़त मिली है। पश्चिम बंगाल में आठ जुलाई को हुए पंचायत चुनाव में व्यापक पैमाने पर हिंसा हुई थी जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई। मतदान के दौरान मत पेटियां लूटी गईं, मतपत्रों में आग लगायी गई और कई स्थानों पर प्रतिद्वंद्वियों पर बम भी फेंके गए। इन 15 लोगों में से 11 तृणमूल कांग्रेस से जुड़े थे। राज्य में आठ जून को चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद से हुई हिंसा में 33 लोगों की जान जा चुकी है।