{"_id":"6152e2f18ebc3e09024bfb44","slug":"bengal-government-preparing-for-the-appointment-of-big-bureaucrats-from-lateral-entry","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंगाल: केंद्र की राह पर चलेगी ममता सरकार, लेटरल एंट्री से बड़े नौकरशाहों की नियुक्ति की तैयारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बंगाल: केंद्र की राह पर चलेगी ममता सरकार, लेटरल एंट्री से बड़े नौकरशाहों की नियुक्ति की तैयारी
Tue, 28 Sep 2021 03:10 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Tue, 28 Sep 2021 03:10 PM IST
सार
सरकार लेटरल एंट्री की नियुक्तियों के लिए विज्ञापन देगी। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अंतिम मंजूरी के लिए प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा जा सकता है।
विज्ञापन
ममता बनर्जी
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार नौकरशाही में विशेष सचिव तथा संयुक्त सचिव जैसे वरिष्ठ पदों पर लेटरल एंट्री का विकल्प चुनकर केंद्र सरकार के नक्शेकदम पर चलने पर विचार कर रही है। लेटरल एंट्री के तहत निजी क्षेत्र के कर्मियों को सरकार के प्रशासनिक पद के लिए चुना जाता है, यह चयन नौकरशाही नियुक्ति प्रक्रिया से अलग होता है।
विज्ञापन
एक अधिकारी ने बताया कि लेटरल एंट्री भर्ती योजना के तहत विभिन्न विभागों में तैनात इन अधिकारियों को सलाहकार के रूप में देखा जा सकता है। उनके सटीक कार्य और जिम्मेदारियों का विवरण अभी तक निर्धारित नहीं किया गया है।
विज्ञापन
एक आईएएस अधिकारी ने बताया कि ये सभी नियुक्तियां केवल एक विशिष्ट अवधि के लिए कांट्रैक्चुअल होंगी। उनकी पात्रता मानदंड एक आईएएस अधिकारी के बराबर होगा।योजना के अनुसार, इन लेटरल एंट्री के लिए न्यूनतम पात्रता 15 वर्ष का प्रासंगिक अनुभव होगा। इनके वेतन तथा भत्तों की जिम्मेदारी राज्य के गृह कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग की होगी।
विज्ञापन
एक अन्य उच्च पदस्थ सूत्र ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि सरकार लेटरल एंट्री की नियुक्तियों के लिए विज्ञापन देगी। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अंतिम मंजूरी के लिए प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा जा सकता है।
हालांकि गृह सचिव बीपी गोपालिका ने इसकी पुष्टि करने से इनकार कर दिया। बता दें कि केंद्र सरकार ने 2018 में कहा था कि लेटरल एंट्री योजना सिविल सेवाओं में कार्यक्षेत्र विशेषज्ञता लाने और आईएएस अधिकारियों की कमी की समस्या का समाधान करने के दोहरे उद्देश्य को पूरा करेगी।