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बैंक धोखाधड़ी: चेन्नई की कंपनी की 115 करोड़ रुपए की जमीन अटैच
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Sat, 17 Feb 2018 09:17 PM IST
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ईडी
बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चेन्नई की एक कंपनी की 115 करोड़ रुपये कीमत की जमीन को अटैच किया है। जांच एजेंसी ने बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े इस मामले में वीजीएन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की 10.46 एकड़ जमीन अस्थायी रूप से अटैच की गई है।
सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने यह जमीन केंद्र सरकार के उपक्रम हिंदुस्तान टेलीप्रिंटर्स लिमिटेड (एचटीएल) से खरीदी थी। सीबीआई ने भारतीय स्टेट बैंक में कथित धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था जिस पर संज्ञान लेते हुए ईडी ने यह कार्रवाई की है। ईडी के बयान के मुताबिक, भारतीय स्टेट बैंक की चेन्नई स्थित स्ट्रेस्ड एसेट्स मैनेजमेंट शाखा के जरिये गुंडी की 10.46 एकड़ खाली जमीन खरीदी थी जिसमें वीजीएन डेवलपर्स ने सरकार को 115 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया था।
सीबीआई ने एचटीएल के बकाये की रिकवरी के लिए कंपनी के तहत मामला दर्ज किया था। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि कंपनी के प्रतिनिधियों और खरीदारों ने साजिश कर 387 करोड़ रुपये की जमीन को 272 करोड़ रुपये में बिकवा दिया। इस प्रकार उन्होंने गलत तरीके से कमाई करते हुए सरकार को 115 करोड़ रुपये का चूना लगाया।
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सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने यह जमीन केंद्र सरकार के उपक्रम हिंदुस्तान टेलीप्रिंटर्स लिमिटेड (एचटीएल) से खरीदी थी। सीबीआई ने भारतीय स्टेट बैंक में कथित धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था जिस पर संज्ञान लेते हुए ईडी ने यह कार्रवाई की है। ईडी के बयान के मुताबिक, भारतीय स्टेट बैंक की चेन्नई स्थित स्ट्रेस्ड एसेट्स मैनेजमेंट शाखा के जरिये गुंडी की 10.46 एकड़ खाली जमीन खरीदी थी जिसमें वीजीएन डेवलपर्स ने सरकार को 115 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया था।
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सीबीआई ने एचटीएल के बकाये की रिकवरी के लिए कंपनी के तहत मामला दर्ज किया था। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि कंपनी के प्रतिनिधियों और खरीदारों ने साजिश कर 387 करोड़ रुपये की जमीन को 272 करोड़ रुपये में बिकवा दिया। इस प्रकार उन्होंने गलत तरीके से कमाई करते हुए सरकार को 115 करोड़ रुपये का चूना लगाया।
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