पाकिस्तान को झटका, बलोच नेता बुगती को मिल सकता है राजनीतिक शरणार्थी का दर्जा
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सर्जिकल ऑपरेशन के बाद भारत की ओर से पाकिस्तान को दूसरा बड़ा झटका देने की तैयारी है। बलूच रिपब्लिकन पार्टी के अध्यक्ष ब्रह्मदाग बुगती को जल्द ही भारत में राजनीतिक शरण मिल सकती है। संघ विचारकों ने बुगती को राजनीतिक शरणार्थी के रूप में भारत में शरण देने के पक्ष में प्रस्ताव पारित कर सरकार से इसकी मांग की है। चर्चा यह भी है कि बुगती भारत में ही हैं।
बुगती के भारत में होने के राज से परदा हटाते हुए कनाडाई लेखक तारीक फतह ने दावा किया है कि बुगती भारत में हैं, मीडिया को इसकी पड़ताल करनी चाहिए। हालांकि बाद में अपनी भूल सुधारते हुए फतह ने कहा कि इलाज कराने के लिए बुगती भारत आए थे लेकिन अब वापस चले गए हैं। वहीं सरकार के उच्च पदस्थ अधिकारी बुगती के भारत में होने की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। मगर फतह के दावे को भी वे खारिज नहीं कर रहे हैं। खुफिया सूत्रों का कहना है कि बुगती संघ से जुड़ी संस्था इंडिया पॉलिसी फाउंडेशन के संपर्क में हैं।
दरअसल सरकार की रणनीति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जम्मू-कश्मीर के मामले को उठाने वाले पाकिस्तान को बलूचिस्तान के मुद्दे पर घेरने की है। इस कवायद में बगती भारत के लिए कारगर हथियार साबित हो सकते हैं। वैसे लाल किले के प्राचीर से बलूचिस्तान के मुद्दे को छेड़ पीएम मोदी अपना इरादा जता चुके हैं।
राजनीतिक शरणार्थी का दर्जा प्रदान कर दिया जाएगा
विदेश मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार, बुगती को जल्द ही राजनीतिक शरणार्थी का दर्जा प्रदान कर दिया जाएगा। भगवा परिवार ने इसके पक्ष में देश में माहौल बनाना शुरू कर दिया है। इंडिया पॉलिसी फाउंडेशन ने बुगती को राजनीतिक शरणार्थी का दर्जा देने के पक्ष में प्रस्ताव पारित करते हुए सरकार से इसकी मांग की है।
अब तक स्विट्जरलैंड में निर्वासित जीवन जी रहे बलूच नेता ब्रह्मदाग बुगती बलूच रिपब्लिकन पार्टी के अध्यक्ष हैं। पूरी दुनिया में बलूचिस्तान की आजादी पर समर्थन जुटाने के लिए बुगती ने भारत में राजनीतिक शरण मांगा है। गृह मंत्रालय ने इस मामले को तेजी से आगे बढ़ाया है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला केंद्रीय कैबिनेट को लेना है।
बुगती को शरणार्थी का दर्जा देने का फैसला कूटनीतिक रूप से पाक के खिलाफ बढ़ा कदम होगा। इससे पहले 1959 में भारत तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा और उनके अनुयाइयों को शरण दे चुका है। यदि भारत ने बुगती को राजनीतिक शरण दे दी तो वह दलाई लामा की तरह पूरी दुनिया में घूम सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाक को पटकनी देने के लिए बुगती के जरिए भारत की तैयारी बलूचिस्तान की सच्चाई को देश-दुनिया के सामने लाने की है।