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बालाकोट एयर स्ट्राइक में 250 से 300 आतंकवादी मारे गए होंगे : अभिनंदन के पिता
Thu, 04 Apr 2019 12:14 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 04 Apr 2019 12:14 PM IST
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विंग कमांडर अभिनंदन और उनके पिता एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) सिम्हाकुट्टी वर्तमान
- फोटो : PTI
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विंग कमांडर अभिनंदन के पिता एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) सिम्हाकुट्टी वर्तमान ने कहा है कि बालाकोट में आतंकवादी शिविर पर हमले के लिए इस्तेमाल किए गए लेजर-निर्देशित स्मार्ट बम (स्पाइस-2000) से 250-300 आतंकवादी मारे गए होंगे।
सिम्हाकुट्टी वर्तमान आईआईटी-मद्रास में बुधवार को डिफेंस स्टडीज के छात्रों से पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी प्रशिक्षण शिविरों पर हवाई हमले के बारे में बात कर रहे थे।
इस दौरान उन्होंने कहा, "भारतीय वायुसेना ने उस वक्त हमला किया जब कैंप में सबसे ज्यादा लोग थे। भवन को भले ही सीमित नुकसान पहुंचा हो, लेकिन बम के फ्यूज में देरी करने के लिए एक प्रोग्रामिंग की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ज्यादा से ज्यादा क्षति पहुंचाई जा सके।"
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उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के एफ-16 और एमराम मिसाइल हमारे लिए असल में खतरा थे। हमें सबसे पहले एफ-16 से पीछा छुड़ाना था, यह सुनिश्चित करके कि वह किसी और दिशा में आगे बढ़ जाएं, जब हम बालाकोट की ओर जा रहे थे। इस तरह हमने बहुत चालाकी की।
उन्होंने आगे बताया, "वास्तव में हमने बहावलपुर की ओर सात विमान भेजे, जो जैश का मुख्यालय है। पाकिस्तान ने सोचा हम बहावलपुर में हमला करने जा रहे हैं और इसलिए उसने हमारे लड़ाकू विमानों को रोकने के लिए अपने एफ-16 लड़ाकू विमान भेज दिए। इस दौरान हमने बालाकोट पर हमला करने के लिए विमान भेज दिए थे। कुल मिलाकर कहें तो पाकिस्तानी वायुसेना पूरी तरह से धोखा खा गई।"
उन्होंने कहा, "पाकिस्तान पूरी तरह से अलर्ट की स्थिति में था, उन्हें पता था कि भारत की ओर से हमला हो सकता है। हालांकि, उन्हें इस बात का अहसास नहीं हुआ कि हम उनके इलाके में आ गए हैं।" हालांकि, सम्मानित एयर मार्शल ने यह भी कहा कि इस घटना को लेकर यह उनका अपना नजरिया है, जो कि पूरी तरह सही नहीं भी हो सकता है। उन्होंने कहा, "घटना के सटीक ब्यौरे कई महीनों बाद सामने आ सकते हैं।"
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सिम्हाकुट्टी वर्तमान आईआईटी-मद्रास में बुधवार को डिफेंस स्टडीज के छात्रों से पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी प्रशिक्षण शिविरों पर हवाई हमले के बारे में बात कर रहे थे।
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इस दौरान उन्होंने कहा, "भारतीय वायुसेना ने उस वक्त हमला किया जब कैंप में सबसे ज्यादा लोग थे। भवन को भले ही सीमित नुकसान पहुंचा हो, लेकिन बम के फ्यूज में देरी करने के लिए एक प्रोग्रामिंग की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ज्यादा से ज्यादा क्षति पहुंचाई जा सके।"
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उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के एफ-16 और एमराम मिसाइल हमारे लिए असल में खतरा थे। हमें सबसे पहले एफ-16 से पीछा छुड़ाना था, यह सुनिश्चित करके कि वह किसी और दिशा में आगे बढ़ जाएं, जब हम बालाकोट की ओर जा रहे थे। इस तरह हमने बहुत चालाकी की।
उन्होंने आगे बताया, "वास्तव में हमने बहावलपुर की ओर सात विमान भेजे, जो जैश का मुख्यालय है। पाकिस्तान ने सोचा हम बहावलपुर में हमला करने जा रहे हैं और इसलिए उसने हमारे लड़ाकू विमानों को रोकने के लिए अपने एफ-16 लड़ाकू विमान भेज दिए। इस दौरान हमने बालाकोट पर हमला करने के लिए विमान भेज दिए थे। कुल मिलाकर कहें तो पाकिस्तानी वायुसेना पूरी तरह से धोखा खा गई।"
उन्होंने कहा, "पाकिस्तान पूरी तरह से अलर्ट की स्थिति में था, उन्हें पता था कि भारत की ओर से हमला हो सकता है। हालांकि, उन्हें इस बात का अहसास नहीं हुआ कि हम उनके इलाके में आ गए हैं।" हालांकि, सम्मानित एयर मार्शल ने यह भी कहा कि इस घटना को लेकर यह उनका अपना नजरिया है, जो कि पूरी तरह सही नहीं भी हो सकता है। उन्होंने कहा, "घटना के सटीक ब्यौरे कई महीनों बाद सामने आ सकते हैं।"