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Ramleela: यहां हर दिन बदलेंगे राम, हर दिन बदलेंगी सीता, लोगों से जुड़ने की दिखेगी नई कोशिश

Thu, 03 Oct 2024 06:09 PM IST
पवन पांडेय डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Thu, 03 Oct 2024 06:09 PM IST
सार

शारदीय नवरात्रि की शुरुआत से ही रामलीलाओं का मंचन शुरु हो जाता है। हर रामलीला अपने-अपने तरीके से लोगों को आकर्षित करने की कोशिश करती हैं। तकनीकी के उपयोग ने रामलीलाओं को और ज्यादा आकर्षक बनाने का काम किया है।

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Bal Utsav Ramleela Samiti, dwarka, Everyday different child will the character
रामलीला का मंचन करते कलाकार - फोटो : संपूर्ण बाल रामलीला समिति, दिल्ली

विस्तार

शारदीय नवरात्रि की शुरुआत से ही रामलीलाओं का मंचन शुरु हो गया है। हर रामलीला अपने-अपने तरीके से लोगों को आकर्षित करने की कोशिश करती हैं। तकनीकी के उपयोग ने रामलीलाओं को और ज्यादा आकर्षक बनाने का काम किया है। लेकिन द्वारका सेक्टर-13 की रामलीला इस मायने में बिल्कुल अलग है क्योंकि इसे केवल स्कूली बच्चों के सहयोग से इसका मंचन किया जाएगा।
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Bal Utsav Ramleela Samiti, dwarka, Everyday different child will the character
रामलीला का मंचन करते स्कूली बच्चे - फोटो : संपूर्ण बाल रामलीला समिति, दिल्ली
हर दिन अलग-अलग कलाकार निभाएंगे किरदार
इसमें राजधानी दिल्ली के लगभग 40 स्कूलों के हजारों बच्चों के द्वारा रामलीला का मंचन किया जायेगा। आम तौर पर किसी रामलीला में सबसे प्रमुख पात्रों राम, लक्ष्मण और सीता को हमेशा एक ही रखा जाता है, लेकिन यहां राम और सीता सहित कई प्रमुख पात्र प्रतिदिन अलग-अलग कलाकार निभाएंगे। इसमें दर्शकों के लि्ए प्रतिदिन एक अलग अनुभव देखने को मिलेगा। यह बिल्कुल अनोखे तरीके की रामलीला होगी जिसमें छह साल के राम और छह साल की सीता भी होंगी। 
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Bal Utsav Ramleela Samiti, dwarka, Everyday different child will the character
रामलीला का मंचन करते कलाकार - फोटो : संपूर्ण बाल रामलीला समिति
सिंधी भाषा में किया जाएगा रामायण
संपूर्ण बाल रामलीला समिति की अध्यक्षा प्रीतिमा खंडेलवाल ने बताया कि बच्चों को भारतीय परंपरा से जोड़ने के लिए इसकी शुरुआत आज से सात साल पहले की गई। तब केवल तीन स्कूलों के 100 बच्चों ने बाल रामलीला का मंचन तीन दिनों के लिए किया था। उस समय हजारों की संख्या में लोग इसे देखने पहुंचे थे, जिसके बाद हमने प्रतिवर्ष इसके आयोजन का फैसला लिया।

40 स्कूलों के 4000 बच्चे करेंगे रामलीला का मंचन
इस साल करीब 40 स्कूलों के 4000 बच्चे रामलीला का अलग-अलग दिनों में मंचन करेंगे। यहां का सबसे विशेष आकर्षण यह होगा कि यहां पहली बार सिंधी भाषा में रामायण की प्रस्तुति दी जाएगी, जो अपने आप में अनोखी होगी।

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