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बदलापुर मामला: 'यह न्याय की हत्या...', पुलिस मुठभेड़ में आरोपी की मौत पर बोले पीड़ितों के वकील
Mon, 23 Sep 2024 11:50 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 23 Sep 2024 11:50 PM IST
सार
Badlapur Case: बदलापुर मामले के आरोपी अक्षय शिंदे को सोमवार को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। इस घटना को पीड़िताओं के वकील आसिम सरोडे ने 'न्याय की हत्या' करार दिया। अक्षय पर दो नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण का आरोप था।
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पुलिस मुठभेड़ में मारा गया यौन उत्पीड़न का आरोपी
- फोटो : एएनआई
विस्तार
बदलापुर मामले के आरोपी अक्षय शिंदे को सोमवार को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। इस घटना को पीड़िताओं के वकील आसिम सरोडे ने 'न्याय की हत्या' करार दिया। अक्षय पर दो नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण का आरोप था।
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शिंदे को शाम करीब 6:15 बजे पुलिस की गाड़ी में ले जाया जा रहा था। तभी उसने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी की बंदूक छीन ली। इसके बाद उसने एक सहायक पुलिस निरीक्षक (एपीआई) पर गोली चला दी। जिसमें एपीआई घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की। जिसमें शिंदे की मौत हो गई। आरोपी को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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सरोडे ने एक क्षेत्रीय समाचार चैनल से बातचीत में कहा, इन दो नाबालिग लड़कियों का प्रतिनिधित्व करते समय मैंने देखा ठाणे जिले की स्थानीय राजनीति और उस शैक्षणिक संस्थान के लिए भी असहज हो रहा था, जहां अक्षय शिंदे काम कर रहा था। शिंदे की इस तरह मौत न्याय की हत्या है।
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उन्होंने आगे कहा, अब दो लड़कियों के यौन उत्पीड़न का यह मामला दरकिनार हो जाएगा। सरोडे ने कहा कि इस तरह की प्रथा से पुलिस और न्यायपालिका जैसी संस्थाओं में लोगों को भरोसा कम होगा। सरोडे ने कहा कि वे फायरिंग की घटना की जांच के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि शिंदे ने कैसे बंदूक तक पहुंच बनाई और उसे कैसे खुला छोड़ा गया, उसके हाथ तो बंधे थे। उन्होंने इसे राजनीतिक हत्या बताते हुए कहा कि यह बिल्कुल गलत है।