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आजमगढ़ हिंसा: भाजपा सांसद और समर्थकों पर मुकदमा

Thu, 19 May 2016 05:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़ Updated Thu, 19 May 2016 05:03 AM IST
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Azamgarh violence: Case against BJP MP and supporters.
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर हिंसा प्रभावित खुदादादपुर क्षेत्र में जाने का प्रयास करने के आरोप में लालगंज की भाजपा सांसद नीलम सोनकर और उनके 25 समर्थकों के खिलाफ मंगलवार को निजामाबाद थाने में केस दर्ज किया गया है।
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प्राथमिकी चौकी प्रभारी फरिहां ने दर्ज कराई है।  निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर में 14 मई की रात दो पक्षों के बीच हिंसक घटना हुई थी। दूसरे दिन 15 मई को सरायमीर थाने के कुछ स्थानों पर भी हिंसक घटनाएं हुईं थीं। हालात इतने बिगड़ गए कि दो दिनों तक यहां की कमान एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) दलजीत चौधरी और आईजी जोन एसके भगत को संभालनी पड़ी।
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उधर, पुलिस ने जिन 479 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया था, उनमें से दो को देर शाम गिरफ्तार कर लिया। उनके नाम का खुलासा नहीं किया गया है।

16 मई को रोक के बाद भी लालगंज की भाजपा सांसद नीलम सोनकर अपने 25 समर्थकों के साथ खुदादादपुर गांव जा रही थीं। प्रभावित क्षेत्र में राजनीतिक लोगों के जाने पर प्रतिबंध के कारण इन्हें फरिहां बाजार में रोक लिया गया। इस मामले में धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में सांसद समेत उनके 25 समर्थकों के विरुद्ध निजामाबाद थाने में केस दर्ज किया गया।
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इसके अलावा हिंसक घटनाओं में मंगलवार को निजामाबाद और सरायमीर थाने में कुल आठ और मुकदमे दर्ज कराए गए, इसमें 454 लोगों को आरोपित किया गया है। आरोपियों पर मारपीट, लूटपाट, असलहों का प्रदर्शन, दहशत फैलाने आदि के आरोप हैं। इस प्रकार खुदादादपुर मामले में अब तक कुल 17 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, जिनमें कुल 1579 लोगों को आरोपित किया गया है।

किसी ने डर तो किसी ने रोजी के लिए छोड़ा गांव

Azamgarh violence: Case against BJP MP and supporters.
खुदादादपुर में बवाल का असर निजामाबाद और सरायमीर थाना क्षेत्र के लोगों को भी भुगतना पड़ रहा है। किसी ने पुलिस की कार्रवाई के डर से तो किसी ने रोजी की तलाश में गांव छोड़ दिया है। रोजी के लिए गांव छोड़ने वालों में वह रोज कमाने खाने वाले कामगार अधिक हैं जिनके घर में पांच दिनों से फाकाकशी की नौबत है।

खुदादादपुर में अभी भी जनजीवन पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती होने के कारण दो लोग एक साथ निकलने से कतरा रहे हैं। पुलिस अब चिह्नित लोगों की गिरफ्तारी के लिए रात में गांवों में दबिश डाल रही है। पकड़े जाने के भय से बड़ी संख्या में लोगों ने घर छोड़ दूसरा ठिकाना बना लिया है।

गांव के दलित समुदाय के  जिन लोगों की मड़इयां जला दी गईं थीं वो लोग भी घर छोड़ कर रिश्तेदारों के यहां जा चुके हैं। मुसाफिर के परिवार के सभी लोग रानी की सराय में रिश्तेदारी में रह रहे हैं। इसके अलावा बड़ी तादाद में दूसरे समुदाय के लोगों ने भी घर छोड़ दिया है। इनमें मजदूरी करने वाले वह दलित भी हैं, जिन्हें माहौल खराब होने के कारण कहीं काम नहीं मिल रहा है।

गांवों में दोनों समुदायों के अन्य कई लोगों के घरों में ताले लटके हैं। खुदादादपुर के पूर्व प्रधान लालचंद ने बताया कि गांव के केदारराम, सीताराम, चंद्रेश, श्रीपत और फूलचंद के परिवार के लोगों को रिश्तेदारियों में भेज दिया गया है। लोग हिंसक घटनाओं से डरे हैं। काम न मिलने के चलते घर का खर्चा चलाना मुश्किल हो गया है।

कुछ बताने से कतरा रहे सहमे लोग
हिंसक घटनाओं के चलते खुदादादपुर के लोगों में भय अधिक है। कुछ घरों को छोड़ कर सभी अपने घरों एक कमरे में सिमटे मिले। जो दरवाजे पर चारपाई डाल कर बैठे भी दिखे, उन्होंने घटना पर दुख तो जताया लेकिन खुल कर कुछ बताने से कतराते रहे। खुदादादपुर के आजम ने बताया कि अभी भी लोगों के मन में भय समाया हुआ है। गांव के कई परिवार घर छोड़कर जा चुके हैं।  रिटायर्ड शिक्षक अंसार अहमद ने बताया कि गांव निवासी तौहीद के परिवार के लोग भी घर पर ताला बंद कर जा चुके हैं। गांव के बीस फीसदी घरों के लोग भय वश गांव छोड़ कर रिश्तेदारियों में चले गए हैं। दाउदपुर गांव में भी एक घर में तालाबंद पाया गया।
 

खुदादादपुर में दो वर्गों के बीच हिंसा के बाद बनाई टीम

Azamgarh violence: Case against BJP MP and supporters.
निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर गांव में हिंसा के बाद दो वर्गों के बीच आए विघटन को पाटने के लिए अब क्षेत्र के युवा आगे आए हैं। बुधवार को सरायमीर में बैठक कर टीम बनाई और अगले दिन से गांव-गांव जाकर लोगों से शांति की अपील करने और उनमें सौहार्द जगाने का संकल्प लिया।

दो वर्गों की खाई पाटने के लिए बुधवार को क्षेत्र के नवयुवकों ने प्रयास शुरू कर दिया है। सौहार्द कायम करने के लिए एक टीम का गठन किया गया। टीम में जिला पंचायत सदस्य जगदीशपुर राजनेत यादव, समाजसेवी टिफलुर्रहमान, सत्येंद्र यादव, रामराज यादव, मो. शाहीद, लईक अहमद, शमीम अहमद, बृजभान यादव आदि लोग हैं।

टिफलुर्रहमान ने बताया कि यह टीम हर वर्ग के लोगों से मिलेगी, साथ ही उन्हें आपसी सौहार्द के लिए प्रेरित करेगी। बोले कि समाज में इंसानियत और आपसी सौहार्द सर्वोपरि है। बोले गुरुवार से यह टीम क्षेत्र के एक-एक गांवों में जाएगी। टीम के सदस्यों का किसी राजनीति से कोई लेनादेना नहीं है। बस क्षेत्र का माहौल किसी तरह सुधरे और लोग एक दूसरे को अपनापन की नजर से देखें। इसी संकल्प के साथ टीम काम करेगी।

जिला पंचायत सदस्य जगदीशपुर निवासी राजनेत यादव ने कहा कि हिंसक घटनाओं से माहौल खराब होने के कारण हर व्यक्ति प्रभावित होता है। क्षेत्र के लोग मिलजुलकर त्योहार मनाते रहे हैं, लेकिन इस घटना ने लोगों में दहशत पैदा कर दिया है। वह लोगों से संपर्क कर सौहार्द की अपील करेंगे।

टीम के अबडीहा निवासी मिर्जा वसीम बेग ने कहा कि क्षेत्र के लोगों को सूझबूझ से काम लेने की जरूरत है। उन्हें इस बात को समझना होगा कि आपसी भाईचारे और मेल मिलाप के साथ ही सुखी रहा जा सकता है और तरक्की हो सकती है।
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