अयोध्या विवाद: फैसला आया तो लगा मैं दोष मुक्त हो गया, जानिए इन्होंने क्यों कही ये बात
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अयोध्या विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने पूरे देश को प्रभावित किया है। लेकिन इसके साथ वो सरकारी अफसर भी हैं जिन्होंने इस मामले में जांच की। इन्हीं में से एक हैं केके मुहम्मद, जिन्होंने जो भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर) रहते हुए कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपी। मुहम्मद ने कहा कि वह आज खुद को दोष मुक्त महसूस कर रहे हैं।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर) केके मुहम्मद ने कहा कि मैं आज अपने आप को दोषमुक्त महसूस कर रहा हूं (उन्होंने कहा था कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद से पहले राम मंदिर मौजूद था)। मुझे लोगों के एक समूह ने काफी भला-बुरा भी कहा। यह ठीक उसी तरह का निर्णय है जैसा हम सभी चाहते थे।
K K Muhammed, former regional director (North), Archaeological Survey of India (ASI): I feel vindicated (he had said Ram temple existed before Babri mosque in Ayodhya), I was hounded by a group of people. It is exactly the kind of decision that we all wanted. #AyodhyaVerdict https://t.co/0kqcGZqzT8 pic.twitter.com/Z99AhNzw7L
— ANI (@ANI) November 9, 2019
बता दें कि मामले को लेकर इससे पहले केके मुहम्मद ने कहा था कि एएसआई द्वारा निकाले गए पुरातात्विक और ऐतिहासिक साक्ष्य के आधार पर, अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि पहले वहां एक बहुत बड़ा भव्य मंदिर था और हमें एक बार फिर से एक नए मंदिर का निर्माण करना चाहिए।