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अयोध्या केस: क्या सरकार वाकई रिकॉर्ड करेगी आपके फोन कॉल्स?

Sat, 09 Nov 2019 07:18 PM IST
Rama Soalnki Published by: रमा सोलंकी Updated Sat, 09 Nov 2019 07:18 PM IST
सार

  • वायरल दावा झूठा है। 
  • अमर उजाला की पड़ताल के चरण।
  • यह खबर झूठी है: जानिए कारण।
  • आप भी कर सकते हैं जांच पड़ताल।
  • संचार व्यवस्था पर ऐसा कोई नियम नहीं हुआ लागू। 
  • क्या व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर और सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मॉनिटर किए जाएंगे।

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Ayodhya case: Will govt really track your phone calls and messages?
अयोध्या वायरल पोस्ट - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

अयोध्या को लेकर बहुत सारी खबरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं। ऐसे में एक वायरल मैसेज में यह दावा किया जा रहा है कि सभी फोन कॉल्स की रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया की निगरानी की जा रही है। इस पोस्ट में यह बताया जा रहा है कि कैसे सोशल मीडिया पर निगरानी हो रही है।
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  • वायरल प्लेटफार्म: सोशल मीडिया
  • दावाकर्ता: सोशल मीडिया यूजर्स
  • दावा: सभी फोन कॉल्स की रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया के तमाम हैंडल की निगरानी की जा रही है।

आइए विस्तार से जानते हैं कि क्या लिखा है इस वायरल मैसेज में

Ayodhya case: Will govt really track your phone calls and messages?
वायरल संदेश - फोटो : amar ujala
जो पोस्ट वायरल हो रही है उसके संदेश में यह लिखा है कि सभी कॉल्स की रिकॉर्डिंग होगी और यह रिकॉर्डिंग सुरक्षित भी रखी जाएंगी। कम्युनिकेशन डिवाइसेस को मंत्रालय से जोड़ा जाएगा।
आइए विस्तार से जानते हैं कि क्या लिखा है इस संदेश में (संदेश का हिंदी अनुवाद)

यूजर्स ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है:

1. सभी कॉल की रिकॉर्डिंग होगी।
2. सभी फोन कॉल रिकॉर्ड होंगी और उन्हें सुरक्षित रखा जाएगा।
3. व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर और सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मॉनिटर किए जाएंगे।
4. जो ये नहीं जानते उन सभी को सूचित कर दीजिये।
5. आपकी डिवाइस को मंत्रालय की प्रणाली से जोड़ दिया जायेगा।
6. ध्यान दीजिये कोई भी गलत संदेश किसी को भी मत भेजिये।
7. अपने बच्चों, भाइयों, रिश्तेदारों, दोस्तों, परिचितों आदि सभी को सूचित कर दें कि इन बातों का ध्यान रखें और सोशल साइट्स को संयम से चलाएं।
8. कोई आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो या राजनीति और सरकार या प्रधानमंत्री के खिलाफ कुछ न लिखें और उसे शेयर न करें।
9. इस समय किसी राजनीतिक या धार्मिक मुद्दे पर कोई आपत्तिजनक मैसेज लिखना या भेजना अपराध है। ऐसा करने पर बिना वारंट के गिरफ्तार हो सकते हैं।
10. पुलिस एक नोटिफिकेशन निकालेगी फिर साइबर अपराध के तहत कार्रवाई की जाएगी।
11. यह बहुत ही गंभीर मामला है। आप सभी group members, admins इस विषय पर गहराई से सोचिये।
12. कोई गलत संदेश मत भेजिये। सभी को सूचित करें तथा इस विषय पर ध्यान रखें। Groups ज्यादा सतर्क व सावधान रहें। सतर्क रहें, सावधान रहें।
(यह उस वायरल पोस्ट का अनुवाद हैं)
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अमर उजाला की पड़ताल के चरण

Ayodhya case: Will govt really track your phone calls and messages?
पड़ताल - फोटो : amar ujala
  • सबसे पहले हमने इस संदेश को ध्यान से पढ़ा।
  • इस खबर के अंदर सूचना का स्रोत स्पष्ट नहीं था।
  • अगर यह खबर सरकार या किसी मंत्रालय की तरफ से जारी होती तो उसकी भाषा और सूचना देने का तरीका व्यवस्थित और शुद्ध होता।
  • इस संदेश में हिंदी और अंग्रेजी दोनों शब्दों का इस्तेमाल किया गया है और उनमें गलतियां भी हैं।
  • भाषा शैली सरकारी प्रेस रिलीज की तरह नहीं हैं।
  • सबसे महत्वपूर्ण बात, इसमें केवल बिंदु लिखे गए हैं। जबकि प्रेस रिलीज लिखने का तरीका इससे बिलकुल अलग होता है।
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गूगल सर्च टूल: पड़ताल के चरण

Ayodhya case: Will govt really track your phone calls and messages?
गूगल सर्च टूल - फोटो : amar ujala
इस खबर से संबंधित जानकारी को गूगल पर सर्च करने के लिए हमने एक की-वर्ड उपयोग किया।
पड़ताल के लिए हमने "अयोध्या की संचार सुरक्षा के नए नियम" और "संचार सुरक्षा के नए नियम 2019" की-वर्ड को गूगल पर खोजा था।

यह की-वर्ड लगाकर खोजने पर अयोध्या सुरक्षा संबंधित तमाम लिंक्स सामने आ गए और उसमें पुलिस सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर हमें खबरें और वीडियो तो मिले मगर ये खबर कहीं भी नहीं मिली। फिर हमने अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था के लिए की-वर्ड सर्च किया तो एएनआई का ट्वीट मिला जिसमे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बात की गई थी।
 
ANI UP

@ANINewsUP
Ayodhya District Magistrate, Anuj Kumar Jha prohibits social media messages & posters on Ayodhya land case, that could disturb communal harmony, in view of upcoming festivals & verdict in Ayodhya land case. Prohibition will stay in force till 28th December, 2019.

 ( हिंदी अनुवाद : ANI UP के ट्विटर हैंडल पर अयोध्या के जिलाधिकारी अनुज कुमार झा का बयान मिला जिसमें उन्होंने लिखा, ‘अयोध्या के जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने अयोध्या जमीन विवाद में ऐसे किसी भी सन्देश को,सोशल मीडिया मैसेज और पोस्टर पर पाबंदी लगा रखी है, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगड़ सकता है और नकारात्मक असर पड़ सकता हैं और यह निषेध 28 दिसंबर 2019 तक जारी रहेगा।’)

पड़ताल: योगी आदित्यनाथ का ट्वीट

Ayodhya case: Will govt really track your phone calls and messages?
योगी आदित्यनाथ का ट्वीट - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ट्वीट भी मिला जिसमे उन्होंने, अयोध्या में शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए मजबूत इंतजाम को लेकर बात ट्वीट किया।

पड़ताल : उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल

Ayodhya case: Will govt really track your phone calls and messages?
पुलिस ट्वीट्स - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल हमारे हाथ लगे, उनके ट्वीट में सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियां, पुलिस वालों के इंतजाम और सुरक्षा व्यवस्था को बनाये रखने के लिए अपील थी। 

@ayodhya_police
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक,अयोध्या@IpsAshish की अमजनमानस से अपील अफवाहों से दूर रहे शान्ति एवं भाईचारा गंगा-जमुनी तहजीब को बनाये रखें। 
मा0 सर्वोच्च न्यायालय के आने वाले निर्णय के दृष्टिगत सुरक्षा व्यवस्था के सम्बन्ध में एसएसपी,अयोध्या श्री आशीष तिवारी की वीडियो बाईट

@Uppolice @dgpup

MORADABAD POLICE

@moradabadpolice

सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक बढ़ा पहरा। @moradabadpolice @amitpathak09 @AmitKAnandIPS @Uppolice @dgpup @adgzonebareilly @digmoradabad

पड़ताल : व्हाट्सएप ग्रुपों में इस प्रकार के भ्रामक मैसेज का प्रसार किया जा रहा है

Ayodhya case: Will govt really track your phone calls and messages?
पोस्ट को लेकर पुलिस का खंडन - फोटो : amar ujala
पड़ताल करने पर अयोध्या पुलिस का वह ट्वीट भी मिला गया, जिसमें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मैसेज का खंडन करते हुए उसे शेयर नहीं करने की अपील की गई है। इस सन्देश में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस मैसेज का स्क्रीन शॉट लगाते हुए अयोध्या पुलिस ने कहा हैं, कतिपय वॉट्सऐप ग्रुपों में इस प्रकार के भ्रामक मैसेज का प्रसार किया जा रहा है, जिसका #ayodhyapolice पूर्णतया खंडन करती है। कृपया इस भ्रामक पोस्ट को शेयर न करें। @dgpup @IpsAshish @adgzonelucknow @igrangeayodhya #UPPAgainstFakeNews ‘’
@ayodhya_police
कतिपय व्हाट्सएप ग्रुपों में इस प्रकार के भ्रामक मैसेज का प्रसार किया जा रहा है, जिसका #ayodhyapolice पूर्णतया खंडन करती है। कृपया इस भ्रामक पोस्ट को शेयर न करें।
@dgpup @IpsAshish @adgzonelucknow @igrangeayodhya
#UPPAgainstFakeNews

पड़ताल: केंद्रीय गृह मंत्रालय का ट्वीट

Ayodhya case: Will govt really track your phone calls and messages?
गृह मंत्रालय ट्वीट - फोटो : amar ujala

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी की और सतर्क रहने की सलाह दी है।

सच्ची खबर: किस बात का ख्याल रखना है

Ayodhya case: Will govt really track your phone calls and messages?
पड़ताल - फोटो : amar ujala
  • जब भी इस तरह की खबर आती हैं तो उससे संबंधित साइट को सर्च करें।
  • अगर सरकारी घोषणा हैं तो उसकी प्रमाणिक साइट पर जाए।
  • उसके अंतर्गत सूचना से संबंधित प्रेस विज्ञप्ति तलाश करें।
  • अतिरिक्त प्लेटफॉर्म पर विश्वास करने की जगह सरकारी आंकड़े और सरकारी सूचना को आधार मानें।

पड़ताल: सभी न्यूज रिपोर्ट्स में यही जानकारी दी गई थी कि,

Ayodhya case: Will govt really track your phone calls and messages?
पुलिस प्रेस विज्ञप्ति - फोटो : amar ujala
  • उत्तर प्रदेश सरकार ने एक टीम का गठन किया हैं जो सोशल मीडिया पर अपनी पैनी नजर रखेगी।  
  • जिसका मकसद हैं, कानून व्यवस्था बनी रहे और कोई भी माहौल को बिगाड़ने वाली खबर वायरल न हो।  
  • मामला बेहद संवेदनशील हैं जिसमें सतर्कता बहुत जरूरी हैं।  
  • सोशल मीडिया पर निगरानी रखने के लिए एक विशेष टीम बना दी गई है जो इस पर नजर रखेगी। 
  • सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए डीजीपी मुख्यालय के स्तर पर एक मॉनिटरिंग टीम बनाई गई है।  
  • जिसकी कमान साइबर क्राइम के आईजी अशोक कुमार सिंह के हाथ में हैं।

"सख्त पहरे में अयोध्या: सुरक्षा घेरा कसा, एजेंसियां सतर्क"

Ayodhya case: Will govt really track your phone calls and messages?
अमर उजाला लेख - फोटो : amar ujala
नौ नवंबर को प्रकाशित अमर उजाला का एक लेख मिला जिसका शीर्षक था,  'सख्त पहरे में अयोध्या: सुरक्षा घेरा कसा, एजेंसियां सतर्क'
उसमें " श्रीरामजन्मभूमि/बाबरी मस्जिद भूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले ही अयोध्या में सुरक्षा घेरा सख्त हो गया है। पंचकोसी परिक्रमा समाप्त होते ही विवादित परिसर के एक किमी परिधि में सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है।  
इसमें सुरक्षा को लेकर लिखा गया था और इस तरह की कोई जानकारी नहीं थी। 

पड़ताल: उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस विषय पर गाइडलाइन जारी की हैं

Ayodhya case: Will govt really track your phone calls and messages?
पुलिस गाइडलाइन - फोटो : amar ujala

उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस विषय पर गाइडलाइन जारी की है मगर उसमें कहीं भी इस तरह की बातें शामिल नहीं हैं, उनकी गाइडलाइन के मुताबिक,

  • अयोध्या में किसी भी तरह की अफवाह न फैले इसलिए एक 4 पन्नों की गाइडलाइंस जारी की है। 
  • जिसमें अयोध्या में कोई भी अगले दो महीने तक वॉट्सऐप, ट्विटर, टेलिग्राम और इंस्टाग्राम पर किसी भी देवी-देवता पर आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं कर सकेंगे। 
  • अयोध्या में सीआरपीसी की धारा 144 भी लागू कर दी गई है। 
  • टीवी चैनलों को भी इस दौरान इस तरह की डिबेट से बचने को कहा गया है। 
  • रैली, पुतला जलाने और भड़काऊ भाषण देने पर रोक है। 
  • सोशल मीडिया पर कोई भी विवादास्पद तथ्य, फोटो शेयर नहीं करना है, जो इस विषय में विवाद पैदा करे।
  • आपत्तिजनक विचार व्यक्त करने वालों पर होगी पूरी नजर और गाइडलाइन के अनुसार गंभीरता से कदम उठाए जाएंगे।

पड़ताल का परिणाम 

Ayodhya case: Will govt really track your phone calls and messages?
पड़ताल - फोटो : amar ujala

अयोध्या से जुड़े नए संचार नियम लागू होने के दावे को लेकर वायरल पोस्ट फर्जी है और सभी तथ्य बेबुनियाद हैं। 

*Fact Check By Google Certified Fact Checker ( Rama Solanki )

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