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Augusta-Westland Case: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की क्रिश्चियन जेम्स की याचिका, कहा- घर का पता तो बताना होगा
Thu, 29 May 2025 02:39 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 29 May 2025 02:39 PM IST
सार
क्रिश्चियन जेम्स के वकील ने कहा कि 'मैं (जेम्स) बीते छह वर्षों से तिहाड़ जेल में हूं। मेरे पास कोई स्थानीय पता नहीं है।' वकील ने कहा कि जब तक जेम्स जेल से बाहर नहीं आता तब तक वह इस शर्त को पूरा नहीं कर सकता क्योंकि वही जेल से बाहर आने के बाद अपने रहने के लिए पते की तलाश करेगा।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को ब्रिटिश नागरिक और बहुचर्चित अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीद घोटाले के आरोपी क्रिश्चियन माइकल जेम्स की याचिका खारिज कर दी। क्रिश्चियन जेम्स ने दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसे राहत देने से इनकार कर दिया। दरअसल दिल्ली उच्च न्यायालय ने क्रिश्चियन माइकल जेम्स को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था, लेकिन शर्त लगाई थी कि उसे भारत में अपने निवास की जानकारी देनी होगा, जहां वह जमानत मिलने के बाद रहेगा।
क्या हुआ सुनवाई के दौरान
दिल्ली उच्च न्यायालय की इस शर्त के खिलाफ क्रिश्चियन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की और बताया कि वह ब्रिटिश नागरिक है और भारत में उसका कोई स्थायी पता नहीं है। ऐसे में वह उच्च न्यायालय की इस शर्त को पूरा नहीं कर सकता। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उसकी दलील मानने से इनकार कर दिया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संजय कुमार की पीठ ने क्रिश्चियन जेम्स की याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान पीठ ने जेम्स के वकील से पूछा कि 'हम आपको जमानत दे रहे हैं और आप स्थानीय निवास का पता बताने की शर्त पूरी नहीं करना चाहते। इसमें समस्या क्या है? इस पर जेम्स के वकील ने कहा कि उच्च न्यायालय ने क्रिश्चियन जेम्स को स्थानीय पते की जानकारी देने को कहा है, जहां वह जमानत के बाद रहने वाला है। अदालत ने इस पते को ईडी से सत्यापित करने का भी निर्देश दिया।
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सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से किया इनकार
क्रिश्चियन जेम्स के वकील ने कहा कि 'मैं (जेम्स) बीते छह वर्षों से तिहाड़ जेल में हूं। मेरे पास कोई स्थानीय पता नहीं है।' वकील ने कहा कि जब तक जेम्स जेल से बाहर नहीं आता तब तक वह इस शर्त को पूरा नहीं कर सकता क्योंकि वही जेल से बाहर आने के बाद अपने रहने के लिए पते की तलाश करेगा। इस पर पीठ ने कहा कि अगर याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर सकता है तो इसका मतलब है कि उसके यहां भी संपर्क हैं। पीठ ने जेम्स के वकील से पूछा कि उन्हें इस केस के बारे में कौन निर्देश दे रहा है तो वकील ने बताया कि जेम्स के परिजन ब्रिटिश उच्चायोग के माध्यम से उसके संपर्क में हैं। इस पर पीठ ने कहा कि अगर वे केस लड़ सकते हैं तो यहां घर का इंतजाम भी कर सकते हैं।
3600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में क्रिश्चियन जेम्स ने मध्यस्थता की थी। इटली की कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से भारत ने 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए 3600 करोड़ रुपये का सौदा किया था। सीबीआई की चार्जशीट में दावा किया गया है इस सौदे से सरकारी खजाने को करीब 2600 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। क्रिश्चियन पर आरोप है कि उसने अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से सौदे के एवज में 225 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी।
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क्या हुआ सुनवाई के दौरान
दिल्ली उच्च न्यायालय की इस शर्त के खिलाफ क्रिश्चियन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की और बताया कि वह ब्रिटिश नागरिक है और भारत में उसका कोई स्थायी पता नहीं है। ऐसे में वह उच्च न्यायालय की इस शर्त को पूरा नहीं कर सकता। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उसकी दलील मानने से इनकार कर दिया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संजय कुमार की पीठ ने क्रिश्चियन जेम्स की याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान पीठ ने जेम्स के वकील से पूछा कि 'हम आपको जमानत दे रहे हैं और आप स्थानीय निवास का पता बताने की शर्त पूरी नहीं करना चाहते। इसमें समस्या क्या है? इस पर जेम्स के वकील ने कहा कि उच्च न्यायालय ने क्रिश्चियन जेम्स को स्थानीय पते की जानकारी देने को कहा है, जहां वह जमानत के बाद रहने वाला है। अदालत ने इस पते को ईडी से सत्यापित करने का भी निर्देश दिया।
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सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से किया इनकार
क्रिश्चियन जेम्स के वकील ने कहा कि 'मैं (जेम्स) बीते छह वर्षों से तिहाड़ जेल में हूं। मेरे पास कोई स्थानीय पता नहीं है।' वकील ने कहा कि जब तक जेम्स जेल से बाहर नहीं आता तब तक वह इस शर्त को पूरा नहीं कर सकता क्योंकि वही जेल से बाहर आने के बाद अपने रहने के लिए पते की तलाश करेगा। इस पर पीठ ने कहा कि अगर याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर सकता है तो इसका मतलब है कि उसके यहां भी संपर्क हैं। पीठ ने जेम्स के वकील से पूछा कि उन्हें इस केस के बारे में कौन निर्देश दे रहा है तो वकील ने बताया कि जेम्स के परिजन ब्रिटिश उच्चायोग के माध्यम से उसके संपर्क में हैं। इस पर पीठ ने कहा कि अगर वे केस लड़ सकते हैं तो यहां घर का इंतजाम भी कर सकते हैं।
3600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में क्रिश्चियन जेम्स ने मध्यस्थता की थी। इटली की कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से भारत ने 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए 3600 करोड़ रुपये का सौदा किया था। सीबीआई की चार्जशीट में दावा किया गया है इस सौदे से सरकारी खजाने को करीब 2600 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। क्रिश्चियन पर आरोप है कि उसने अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से सौदे के एवज में 225 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी।
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