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इस साल अगस्त में सामान्य से 27 फीसदी अधिक हुई बरसात, 44 साल में सबसे ज्यादा
Tue, 01 Sep 2020 03:58 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 01 Sep 2020 03:58 PM IST
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बारिश
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
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देश में इस साल अगस्त में सामान्य से 27 फीसदी अधिक बारिश हुई है। पिछले 120 साल में चौथी बार सर्वाधिक बारिश दर्ज की गई है। यह पिछले 44 साल में सबसे ज्यादा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि देश में एक जून से 31 अगस्त के बीच सामान्य से 10 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई।
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विभाग के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के वैज्ञानिक आरके जेनामणि ने कहा, ‘अगस्त में सामान्य से 27 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई।’’ उन्होंने कहा कि अगस्त 2020 में दर्ज बारिश, पिछले 44 साल में सर्वाधिक है। वहीं, पिछले 120 साल में चौथी बार सर्वाधिक बारिश दर्ज की गई है।’
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इससे पहले अगस्त 1926 में सामान्य से 33 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई थी, जो अभी तक की सर्वाधिक है। इसके बाद अगस्त 1976 में सामान्य से 28.4 फीसदी और अगस्त 1973 में 27.8 फीसदी बारिश दर्ज की गई थी। पिछले महीने कई स्थानों पर लगातार बारिश की वजह से बाढ़ की स्थिति भी उत्पन्न हो गई।
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‘स्काईमेट वेदर’ के उपाध्यक्ष महेश पलवत ने कहा कि अगस्त में बंगाल की खाड़ी में पांच निम्न दबाव क्षेत्र बनने के कारण इस महीने इतनी अधिक बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार जून में इस साल सामान्य से 17 फीसदी अधिक और जुलाई में सामान्य से 10 फीसदी अधिक बारिश हुई है।
आईएमडी ने पिछले महीने अगस्त के लिए अपने पूर्वानुमान में दीर्घावधि औसत (एलपीए या लॉन्ग पीरियड एवरेज) की 97 फीसदी बारिश का अनुमान लगाया था। इसमें नौ फीसदी कमी या अधिकता की संभावना (एरर मार्जिन) रखी गई थी। एलपीए के 96 से104 प्रतिशत के मानसून को सामान्य माना जाता है।
जेनामणि ने कहा कि बंगाल की खाड़ी पर बने पांच कम दाब क्षेत्रों की वजह से मध्य और उत्तरी भारत में भारी बारिश हुई। जून में सामान्य से 17 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई थी जबकि जुलाई में 10 फीसदी कम बारिश हुई थी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मध्य भारत में अब तक 21 फीसदी अधिक वर्षा हुई है। इसमें गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली और दमन व दीव शामिल हैं। गुजरात और गोवा में भी अधिक वर्षा दर्ज की गई।