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ट्यूमर के साथ खोपड़ी से बाहर आ रहा था दिमाग, 16 दिन की मासूम की ऐसे बची जान
Sat, 19 Oct 2019 10:40 AM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,सूरत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,सूरत
Published by: Trainee Trainee
Updated Sat, 19 Oct 2019 10:40 AM IST
सार
- यूपी में जन्मी बच्ची को लखनऊ जैसे शहर में भी इलाज नहीं मिला
- निजी अस्पताल में बच्ची की इसी सर्जरी के मांगे थे पांच लाख रुपए
- एक लाख में से एक मामला ही आता है ऐसा : डॉ जिगर शाह
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Baby holding hands
विस्तार
उत्तर-प्रदेश के अयोध्या में जन्मी एक बच्ची की सूरत के सिविल अस्पताल में पांच घंटे की जटिल सर्जरी के बाद जान बचाई गई। यूपी में जन्मी बच्ची को लखनऊ जैसे शहर में भी इलाज नहीं मल रहा था, इसलिए परिजन उसे सूरत के सिविल अस्पताल लाए।
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न्यूरोसर्जन डॉ. जिगर शाह ने बताया कि मासूम को जन्म से ही ट्यूमर था जो रोजाना बढ़ रहा था और 16 दिनों में बढ़कर यह ट्यूमर चार किलो का हो गया था। बच्ची के ट्यूमर ने इतना भयानक रूप ले लिया था कि उसका दिमाग भी बाहर आने लगा था।
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इतनी जटिलताओं के बावजूद भी डॉक्टरों की टीम ने पांच घंटे की जटिल सर्जरी कर के ट्यूमर को बाहर निकाला और बच्ची को एक नया जीवन दिया।फिलहाल बच्ची स्वस्थ है और आईसीयू में है। डॉक्टरों ने बताया कि सर्जरी में बच्ची के बचने की उम्मीद केवल एक फीसदी थी, हम उसे बचाने में सफल रहे।
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बच्ची के पिता राहुल मिश्रा ने बताया कि निजी अस्पताल में इस सर्जरी के पांच लाख रुपए मांगे थे लेकिन सूरत के सरकारी अस्पताल में यह मामूली खर्च में ही हो गई।
बच्ची को यह थी बीमारी
न्यूरोसर्जन डॉ. जिगर शाह ने बताया कि बच्ची को ऑक्सीपिटन मेनिंगोमायसील नाम का ट्यूमर था जो जन्म से ही होता है। डॉ. शाह ने बताया कि करीब एक लाख में से एक मामला इस तरह का आता है। बच्ची के ब्रेन स्टेम और दिमाग के जरूरी हिस्से इस ट्यूमर से जुड़ गए थे, साथ ही उसके दिमाग का कुछ हिस्सा ट्यूमर के साथ बाहर आता जा रहा था।
अगर यह सर्जरी कुछ दिन के लिए टाल दी जाती तो दिमाग पूरी तरह से ट्यूमर में चला जाता। डॉ. शाह ने बताया कि सर्जरी इतनी जटिल थी कि उसके दैरान सिर की एक-एक परत को खोलकर उसमें से फालतू टिशु को बाहर निकाला गया। इस सर्जरी से ब्रेन स्टेम का हिस्सा सुरक्षित बच गया और 16 दिनों की मासूम को नया जीवन मिल गया।