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Money Laundering: ओमकार ग्रुप और अभिनेता सचिन जोशी की 410 करोड़ की संपत्ति जब्त, ईडी की कार्रवाई
Sat, 15 Jan 2022 09:42 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 15 Jan 2022 09:42 PM IST
सार
निदेशालय ने पिछले साल जनवरी में इन प्रतिष्ठानों पर छापा मारा था और मार्च में आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसमें ओमकार रियल्टर्स एंड डेवलपर्स के अध्यक्ष कमल किशोर गुप्ता (62), इसके प्रबंध निदेशक बाबूलाल वर्मा (51) और सचिन जोशी (37) एवं उनकी कंपनियों के नाम शामिल थे।
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ईडी की कार्रवाई
- फोटो : ANI
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुंबई स्थित एक निर्माण समूह ओमकार रियल्टर्स और अभिनेता-निर्माता सचिन जोशी की एक कंपनी के करीब 410 करोड़ रुपये मूल्य के फ्लैट एवं भूखंड मनीलॉन्ड्रिग कानून के तहत जब्त किये हैं। तेलुगु और हिंदी फिल्मों में अभिनय कर चुके जोशी गुटखा और होटल कारोबार से जुड़े जेएमजे ग्रुप प्रमोटर और कारोबारी जेएम जोशी के बेटे हैं।
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ईडी ने एक बयान में बताया कि मुंबई के वर्ली में स्थित ओमकार समूह की ओमकार 1973 इमारत के टावर सी में (लगभग) 330 करोड़ रुपये मूल्य के फ्लैट और सचिन जोशी से जुड़ी एक कंपनी के पुणे के विराम में स्थित (लगभग) 80 करोड़ रुपये कीमत के एक भूखंड को जब्त करने के लिए धनशोधन रोधी कानून (पीएमएलए) के तहत प्रारंभिक आदेश जारी किए गए है। एजेंसी ने कहा, 410 करोड़ रुपये में से 330 करोड़ रुपये की राशि का ओमकार समूह की इमारत के जरिए शोधन किया गया और 80 करोड़ रुपये (लगभग) की राशि का सचिन जोशी और उनके वाइकिंग समूह की कंपनियों के माध्यम से सेवाओं और निवेश की आड़ में शोधन किया गया।
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निदेशालय ने पिछले साल जनवरी में इन प्रतिष्ठानों पर छापा मारा था और मार्च में आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसमें ओमकार रियल्टर्स एंड डेवलपर्स के अध्यक्ष कमल किशोर गुप्ता (62), इसके प्रबंध निदेशक बाबूलाल वर्मा (51) और सचिन जोशी (37) एवं उनकी कंपनियों के नाम शामिल थे। निदेशालय ने तीनों को पिछले साल गिरफ्तार किया था। जोशी को पिछले साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने चार महीने की अस्थायी जमानत दे दी थी और दो अन्य लोग न्यायिक हिरासत में हैं।
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केंद्रीय एजेंसी का मामला गुप्ता और वर्मा के खिलाफ औरंगाबाद पुलिस द्वारा 2020 में दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है, जिसमें आनंद नगर झुग्गी बस्ती पुनर्वास प्राधिकार के पुनर्विकास के लिए यस बैंक से लिए गए 410 करोड़ रुपये के ऋ ण को लेकर धोखाधड़ी करने और इस धन का इस्तेमाल किसी और काम के लिए करने का आरोप लगाया है।