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Maharashtra: उत्तर महाराष्ट्र पर पकड़ बनाए रखना BJP के लिए चुनौती, आरक्षण और किसानों की समस्याएं प्रमुख मुद्दे

Wed, 23 Oct 2024 09:00 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 23 Oct 2024 09:00 PM IST
सार

Maharashtra: उत्तरी महाराष्ट्र प्रमुख कृषि प्रधान क्षेत्र हैं, जहां 47 विधानसभा सीटें हैं। यह लंबे समय से भाजपा का गढ़ रहा है। लेकिन अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनावों में इस क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाए रखना भाजपा के लिए चुनौती हो सकता है।

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Assembly polls: Retaining hold over North Maharashtra challenge for BJP amid quota, farmers' issues
महायुति गठबंधन में सीटों के बंटवारे पर सहमति लगभग तय - फोटो : एएनआई

विस्तार

उत्तरी महाराष्ट्र प्रमुख कृषि प्रधान क्षेत्र हैं, जहां 47 विधानसभा सीटें हैं। यह लंबे समय से भाजपा का गढ़ रहा है। लेकिन अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनावों में इस क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाए रखना भाजपा के लिए चुनौती हो सकता है। इस क्षेत्र में पांच जिले धुले, नंदुरबार, जलगांव, नासिक और अहिल्यानगर शामिल हैं, जो मध्य प्रदेश और गुजरात की सीमाओं के करीब हैं। 

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2019 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने इन 47 में से 16 सीटें जीती थीं। जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने 13, कांग्रेस ने 7, शिवसेना (अविभाजित) ने 6, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने दो, निर्दलीय ने दो और क्रांतिकारी शेतकारी पक्ष ने एक सीट जीती थीं। हालांकि, पिछले चुनावों के बाद सियासी समीकरणों में बदलाव आया है। जून 2022 में शिवसेना और जुलाई 2023 में राकांपा विभाजित हो गईं। अब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार की राकांपा भाजपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा हैं। 
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इस साल के लोकसभा चुनावों में भाजपा को इस क्षेत्र में चार सीटें गंवानी पड़ी। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 20 नवंबर एक चरण में होगा। नतीजे 23 नवंबर को सामने आएंगे। राजनेताओं के मुताबिक, इस क्षेत्र में किसानों के मुद्दे, आरक्षण पर मराठा-अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) ध्रुवीकरण जैसे कारक महत्वपूर्ण हैं।
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कांग्रेस नेता राजाराम पंगव्हाणे ने कहा कि 1999 में अनुभवनी नेता शरद पवार के सबसे पुरानी पार्टी से बाहर निकलने और उनकी राकांपा के गठन के बाद से नासिक क्षेत्र में उनकी पार्टी कमजोर हो गई। उन्होंने कहा, हमें नासिक में चुनाव लड़ने के लिए कभी कोई सीट नहीं मिली। इस बार शिवसेना (यूबीटी)- राकांपा (शरदचंद्र पवार) बनाम भाजपा का मुकाबला होगा। लेकिन कांग्रेस नंदुरबार, धुले और अहिल्यानगर में चुनाव लड़ेगी। 

उन्होंने कहा, महंगाई, भ्रष्टाचार, मराठा-ओबीसी टकराव अहम मुद्दे हैं। 2020 में भाजपा को छोड़कर शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी में शामिल होने वाले नेता एकनाथ खडसे ने कहा कि भाजपा को उत्तरी महाराष्ट्र में अन्य पार्टियों पर बढ़त है। हालांकि जलगांव को छोड़कर लोकसभा के नतीजों के आधार पर उसकी ताकत कम होती दिख रही है। 


खडसे ने कहा, जून (जब लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित हुए) के बाद स्थिति नहीं बदली है। सरकार के खिलाफ अशांति है, लेकिन अपनी संगठनात्मक ताकत के कारण भाजपा को बढ़त हासिल है। उत्तर महाराष्ट्र में भाजपा, शिवसेना, और राकांपा (शरदचंद्र पवार) को मिले जुले परिणाम रहने की उम्मीद है। खडसे ने कहा, कांग्रेस को धुले, नंदुरबार और अहिल्यानगर में कुछ सीटें मिलेंगी। 

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