महाराष्ट्र-हरियाणा में मतदान कल, एक को खेती तो दूसरे को फिल्मों से मिली पहचान
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महाराष्ट्र और हरियाणा में कल विधानसभा चुनाव के लिए मतदान किया जाएगा। इसको लेकर दोनों प्रदेशों में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। महाराष्ट्र और हरियाणा आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से देश के सबसे विकसित राज्यों में गिने जाते हैं। एक को जहां कृषि से वहीं दूसरे को फिल्म उद्योग से वैश्विक स्तर पर पहचान मिला।
देश की आर्थिक राजधानी कहा जाने वाला महाराष्ट्र सबसे धनी और औद्योगिक राज्यों में से एक है। फिल्म इडस्ट्री का गढ़ होने के साथ ही यह राज्य मराठी कला और संस्कृति के मामले में भी समृद्ध है।
महाराष्ट्र के पहले सातवाहन (ई.पू. 230 से 225 ई.) का शासन रहा। फिर वाकाटक और कल्चूरी साम्राज्य ने सत्ता चलाई। 17वीं सदी में शिवाजी और मराठा संस्कृति के कारण महाराष्ट्र का पूरी दुनिया में प्रभाव है।
महाराष्ट्र की कुल 288 विधानसभा सीटों में से भाजपा 122, शिवसेना 63, कांग्रेस 42, एनसीपी 41 और अन्य 20 सीटों पर काबिज हैं। वहीं इस विधानसभा चुनाव में 8.9 करोड़ मतदाता नई सरकार का फैसला करेंगे। आपको बता दें कि साल 2014 का चुनाव भाजपा और शिवसेना ने अलग-अलग लड़ा था, जबकि इस बार ये एक साथ चुनाव मैदान में हैं।
उद्योग के क्षेत्र में भी महाराष्ट्र काफी आगे है। महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था में कपास, खाद्य उत्पाद, तंबाकू, वस्त्र, पेट्रोलियम का अहम योगदान है। क्षेत्रफल में भी महाराष्ट्र देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है।
2011 की जनगणना के अनुसार महाराष्ट्र की जनसंख्या 11.23 करोड़ से अधिक है। दुनिया के सिर्फ 11 देश ही ऐसे हैं, जिनकी जनसंख्या महाराष्ट्र से ज्यादा है। महाराष्ट्र का लावणी नृत्य दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
हरियाणा
देश के सबसे अमीर राज्यों में से एक हरियाणा के मतदाता भी सोमवार को सूबे के अगले मुखिया का चुनाव करेंगे। हरियाणा में देश के सर्वाधिक ग्रामीण करोड़पति रहते हैं। यह राज्य कृषि और विनिर्माण क्षेत्र में पूरे देश में पहले स्थान पर है।
भारत के इतिहास के कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम यहीं हुए हैं। जिसमें कुरुक्षेत्र में हुआ महाभारत का युद्ध भी शामिल है। कुरुक्षेत्र में ही भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था। यहां पानीपत की तीन महत्पूर्ण लड़ाइयां भी लड़ी गई हैं।
हरियाणा में विधानसभा की कुल 90 सीटों में से भाजपा ने 47 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं, कांग्रेस को 15, इंडियन नेशनल लोकदल को 19 सीटें मिली थीं। 2014 में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इतिहास बनाते हुए पहली बार अपने दम पर सरकार बनाई थी।