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चुनावी रणनीति: पांच राज्यों के चुनाव के बीच कांग्रेस ने मोदी के मुकाबले मनमोहन को उतारा, क्या भारी पड़ रहा है भाजपा का हमला!

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Thu, 17 Feb 2022 07:03 PM IST
सार

डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा, हमारे आज के हुक्मरान साढ़े सात साल सरकार चलाने के बाद भी अपनी गलतियों को मानकर उनमें सुधार करने के बजाय लोगों की परेशानियों के लिए हमारे पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराने में लगे हैं। मेरा स्पष्ट मानना है की प्रधानमंत्री पद की खास गरिमा होती है। इतिहास को कसूरवार ठहराने से अपने गुनाह कम नहीं हो सकते...

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assembly election 2022: Amidst the elections of five states, Congress fielded former Prime Minister Manmohan singh against PM Modi statements
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

पांच राज्यों के चुनाव के बीच कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को एकाएक भारत के पूर्व प्रधानमंत्री सरदार मनमोहन सिंह को पीएम मोदी के मुकाबले मैदान में उतार दिया है। पीएम मोदी अपनी चुनावी रैलियों में कांग्रेस पार्टी पर लगातार हमला बोलते रहे हैं। कांग्रेस पार्टी की तरफ से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पीएम मोदी के बयानों पर पलटवार कर रहे हैं, लेकिन भाजपा के स्टार प्रचारक एवं पीएम मोदी के सामने उनकी बात ज्यादा नहीं सुनी जा रही। पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रियंका गांधी की मौजूदगी में कहा था कि हमारे यहां राज करना चाह रहे यूपी, बिहार और दिल्ली के भइयों को पंजाब में घुसने नहीं देना है। चुनावी मौसम में भाजपा ने इस बयान को हाथों हाथ लिया। गुरुवार को पीएम मोदी ने अबोहर की रैली में इस बयान को लेकर कहा, चन्नी के बयान से संत रविदास और श्री गुरु गोबिंद सिंह की धरती का अपमान किया गया है। इस मुद्दे पर घिरी कांग्रेस पार्टी ने पंजाब एवं दूसरे राज्यों में चुनावी नुकसान से बचने के लिए डॉ. मनमोहन सिंह का वीडियो जारी कर दिया।

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पीएम मोदी ने उठाया भाइयों वाला मुद्दा

भाजपा की अबोहर रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा दिए गए बयान का मुद्दा उठाया। पंजाब के मुख्यमंत्री ने जो बयान दिया, वह शर्मनाक है। पीएम ने कहा, दिल्ली में बैठा एक 'परिवार' इस पर ताली बजा रहा था। यहां पर 'परिवार' का मतलब कांग्रेस पार्टी से ही था। पीएम यहीं पर नहीं रुके, वे बोले, पंजाब में एक भी ऐसा गांव नहीं है जहां यूपी-बिहार के लोग मेहनत नहीं करते हों। संत रविदास जी भी उत्तर प्रदेश के काशी में पैदा हुए थे, तो क्या उनके नाम को भी मिटा दोगे। पीएम ने कहा, आप कहते हो वहां के भाइयों को घुसने नहीं देंगे। गुरु गोविंद सिंह जी का जन्म पटना में हुआ था। चन्नी कहते हैं, बिहार के लोगों को घुसने नहीं देंगे। गुरु गोविंद सिंह जी का अपमान करोगे क्या। गुरु गोविंद सिंह जी ने जिस मिट्टी में जन्म लिया, अब उसी मिट्टी का अपमान करोगे क्या।

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बाद में चन्नी ने अपने बयान पर सफाई दी, लेकिन कांग्रेस पार्टी को यह आभास हो चुका था कि चन्नी का बयान पंजाब ही नहीं, बल्कि यूपी सहित दूसरे चुनावी राज्यों में भी नुकसान पहुंचा सकता है। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने चन्नी के मामले में ट्विटर पर लिखा, 'मंच से पंजाब के मुख्यमंत्री यूपी, बिहार वालों को अपमानित करते हैं। प्रियंका वाड्रा बगल में खड़ी हो कर हंस रही हैं। तालियां बजा रही हैं। ऐसे करेगी कांग्रेस यूपी और देश का विकास। लोगों को आपस में लड़ा कर। चुनाव के माहौल में यह बयान कांग्रेस पार्टी पर भारी पड़ रहा था। प्रियंका गांधी ने भी इस बयान को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा, बयान को घुमा फिराकर दिखाया गया है।
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पंजाब की 117 विधानसभा सीटों पर 20 फरवरी को मतदान होगा।

पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह ने अपनी बात की शुरुआत चुनावी राज्यों से की है। उन्होंने कहा, भारत एक अहम मोड़ पर खड़ा है। मेरा बहुत मन था कि मैं पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, उत्तर प्रदेश और मणिपुर के भाई बहनों के पास जाकर देश के हालातों पर चर्चा करूं। वर्तमान हालात में डॉक्टरों की राय मानते हुए मैं आपसे इस वीडियो संदेश के जरिये बात कर रहा हूं।

'इतिहास को कसूरवार ठहराने से गुनाह कम नहीं होते'

डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा, केंद्र सरकार की अदूरदर्शी नीतियों की वजह से एक तरफ लोग गिरती अर्थव्यवस्था, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से परेशान हैं, दूसरी तरफ हमारे आज के हुक्मरान साढ़े सात साल सरकार चलाने के बाद भी अपनी गलतियों को मानकर उनमें सुधार करने के बजाय लोगों की परेशानियों के लिए हमारे पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराने में लगे हैं। मेरा स्पष्ट मानना है की प्रधानमंत्री पद की खास गरिमा होती है। इतिहास को कसूरवार ठहराने से अपने गुनाह कम नहीं हो सकते। प्रधानमंत्री के रूप में मैंने दस साल तक काम करते हुए खुद ज्यादा बोलने की बजाय मेरे काम के बोलने को प्राथमिकता दी। हमने कभी अपने राजनीतिक फायदे के लिए देश को नहीं बांटा, कभी सच पर पर्दा डालने की कोशिश नहीं की, कभी देश और पद की गरिमा कम नहीं होने दी। हमने हर मुश्किल के बावजूद भारत और भारतीयों का मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊंचा बढ़ाया।

देश के पूर्व पीएम ने कहा, मुझे संतुष्टि है कि मुझ पर 'मौन मोहन', कमजोर और भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाने वाली भाजपा और उसकी बी-सी टीमों के दुष्प्रचार की कलई आज देश के सामने खुल चुकी है। देश 2004 से 2014 के दौरान किये गए आज हमारे अच्छे कामों को याद कर रहा है। जानकारों का कहना है कि उनका यह बयान पंजाब चुनाव में कांग्रेस पार्टी को फायदा दिला सकता है। डॉ. सिंह ने पीएम मोदी की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। इसमें भी उन्होंने चरणजीत सिंह चन्नी का पक्ष लेते हुए कहा, कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री की सुरक्षा के नाम पर पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार चरणजीत सिंह चन्नी और यहां के लोगों को भाजपा द्वारा बदनाम करने का प्रयास किया गया। इसे किसी भी लिहाज से एक सही परिपाटी नहीं माना जा सकता है। किसान आंदोलन के दौरान भी पंजाब और पंजाबियत को बदनाम करने की कोशिश की गई थी। जिन पंजाबियों के साहस-शौर्य, देशभक्ति और त्याग को पूरी दुनिया सलाम करती है, उन पंजाबियों के बारे में क्या कुछ नहीं कहा गया। पंजाब की बहादुर मिट्टी से उपजे एक सच्चे भारतीय के रूप में मुझे उस पूरे घटनाक्रम से पीड़ा हुई है।

'हर नीति में स्वार्थ है, वहीं नीयत में नफरत और बंटवारा'

पूर्व पीएम ने भाजपा के राष्ट्रवाद पर भी हमला बोला। सरकार की नीति और नियत दोनों में खोट है। हर नीति में स्वार्थ है, वहीं नीयत में नफरत और बंटवारा। अपने स्वार्थ सिद्ध करने के लिए लोगों को जाति-धर्म और क्षेत्र के नाम पर बांटा जा रहा है, उन्हें आपस में लड़ाया जा रहा है। इस सरकार का नकली राष्ट्रवाद जितना खोखला है, उतना ही खतरनाक। इनका राष्ट्रवाद 'बांटो और राज करो' की अंग्रेजी नीति पर टिका हुआ है। जो संविधान हमारे लोकतंत्र का आधार है, उस संविधान में इस सरकार की जरा भी आस्था नहीं है। संवैधानिक संस्थाओं को लगातार कमजोर किया जा रहा है। विदेश नीति के मोर्चे पर भी ये ये सरकार पूरी तरह असफल साबित हुई है। चीन के सैनिक हमारी पवित्र धरती पर पिछले एक साल से बैठे हैं, लेकिन उस पूरे मामले को दबाने की कोशिश हो रही है। पुराने दोस्त हमसे लगातार छिटक रहे हैं, वहीं पड़ोसी देशों के साथ भी हमारे रिश्ते खराब हो रहे हैं।  



डॉ. मनमोहन ने आखिर में पंजाब के लोगों से कांग्रेस पार्टी को वोट देने की अपील की। उन्होंने कहा, पंजाब के सामने बड़ी-बड़ी चुनौतियां हैं, जिनका ठीक तरीके से मुकाबला करना बहुत जरूरी है। पंजाब के विकास की समस्या, खेती में खुशहाली का मुद्दा और बेरोजगारी की समस्या को सुलझाना बहुत जरूरी है। यह काम सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही कर सकती है। मेरी पंजाब की जनता से विनती है कि वह अपना कीमती वोट बढ़ चढ़कर कांग्रेस पार्टी को ही दें। पंजाब चुनाव में कांग्रेस पार्टी के सामने कड़ी चुनौती आ रही है। पंजाब में कांग्रेस के सामने आप और अकाली दल के अलावा पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी व भाजपा का गठबंधन भी है। कांग्रेस पार्टी के एक नेता का कहना है, किसान आंदोलन के दौरान कांग्रेस पार्टी को लगा था कि उसे चुनाव में इसका फायदा मिलेगा, मगर किसान संगठन खुद ही चुनाव में खड़े हो गए। दूसरा, कांग्रेस नेताओं के बीच मचा घमासान भी पार्टी को नुकसान पहुंचा रहा है। ऐसे में पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन की अपील कांग्रेस के लिए संजीवनी का काम कर सकती है।

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