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Assam: हथियार प्रशिक्षण मामले में असम पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बजरंग दल के दो सदस्यों को किया गिरफ्तार
Wed, 02 Aug 2023 06:14 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 02 Aug 2023 06:14 PM IST
सार
असम पुलिस ने बुधवार को दरांग जिले के एक स्कूल में हथियार प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने पर बजरंग दल के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : PTI
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विस्तार
असम पुलिस ने बुधवार को दरांग जिले के एक स्कूल में हथियार प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने पर बजरंग दल के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। बंदूक चलाते हुए कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था। दरांग के पुलिस अधीक्षक प्रकाश सोनोवाल ने बताया कि संगठन के दो सदस्यों बिजॉय घोष और गोपाल बोरो को मंगलदोई में महर्षि विद्या मंदिर स्कूल के परिसर में शिविर आयोजित करने के लिए गिरफ्तार किया गया है।
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उन्होंने कहा कि दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। स्कूल में अवैध हथियार प्रशिक्षण शिविर में शामिल अन्य लोगों को पकड़ने के लिए हमारी जांच जारी है। एसपी सोनोवाल ने कहा कि मंगलवार को स्कूल के प्रिंसिपल हेमंत पायेंग और प्रशासक रतन दास को हथियार प्रशिक्षण में उनकी भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया। आगे बताया कि पायेंग और रतन दास को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। फिलहाल हम संगठन के अन्य सदस्यों की तलाश कर रहे हैं।
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प्रशिक्षण का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ था वायरल
शिविर का एक कथित वीडियो जिसमें युवाओं को पिस्तौल और बंदूकों के साथ प्रशिक्षण लेते देखा गया, सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे राज्य भर में आलोचना और आक्रोश फैल गया। असम में कांग्रेस विधायक दल के नेता देबब्रत सैकिया ने सोमवार को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को लिखे एक पत्र में आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
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इससे पहले बजरंग दल ने दावा किया था कि जिले के मोरनोई गांव में आयोजित शिविर में 350 युवाओं को बंदूकें चलाने, मार्शल आर्ट के अलावा कला, राजनीति और आध्यात्मिकता का पाठ सीखने का प्रशिक्षण दिया गया। बजरंग दल के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि ऐसे शिविर "पड़ोसी देशों से अवैध अप्रवासियों से सुरक्षा खतरों का मुकाबला करने" के लिए नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाते हैं।
दरांग पुलिस ने सोमवार को ट्वीट किया, मंगलदोई पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 153ए (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और धारा 34 (सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने के लिए कई व्यक्तियों द्वारा किया गया आपराधिक कृत्य) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
विपक्ष ने साधा मुख्यमंत्री पर निशाना
इस बीच, रायजोर दल के अध्यक्ष और विधायक अखिल गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को पत्र लिखा है और सवाल किया है कि क्या प्रशिक्षण शिविर राज्य में सांप्रदायिक झड़पों को अंजाम देने की तैयारी थी। उन्होंने कहा कि क्या 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले कोई गड़बड़ी होगी? आपके अधीन गृह विभाग और असम पुलिस की भूमिका ने असम के नागरिकों को चिंतित कर दिया है। गोगोई ने मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूए (पी)ए) जैसे कानून के अन्य कड़े प्रावधान जोड़ने की भी मांग की।
वहीं जल संसाधन मंत्री पीयूष हजारिका ने कहा था कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और जरूरी कदम उठा रही है। साथ ही कृषि मंत्री अतुल बोरा ने कहा था कि यह घटना गंभीर चिंता का विषय है और "कानून अपना काम करेगा। हालांकि, पर्यटन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने कहा था कि शिविर में आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा था कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है।