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Assam: सरकार असमिया मुस्लिमों का कराएगी सामाजिक-आर्थिक मूल्यांकन, इस क्षेत्र का बदला जाएगा नाम
Sat, 09 Dec 2023 10:38 AM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहटी
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Sat, 09 Dec 2023 10:38 AM IST
सार
मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया पर बताया कि स्वदेशी असमिया मुसलमानों का सामाजिक-आर्थिक मूल्यांकन अल्पसंख्यक मामलों के निदेशालय और चार क्षेत्रों के माध्यम से किया जाएगा।
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Himanta Biswa Sarma
- फोटो : Social Media
विस्तार
असम सरकार ने कहा कि वह राज्य के स्वदेशी असमिया मुसलमानों का सामाजिक-आर्थिक मूल्यांकन करेगी। बता दें, यह फैसला मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
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इस निदेशालय का नाम बदला जाएगा
मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया पर बताया कि स्वदेशी असमिया मुसलमानों का सामाजिक-आर्थिक मूल्यांकन अल्पसंख्यक मामलों के निदेशालय और चार क्षेत्रों के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि चार क्षेत्र विकास निदेशालय का नाम बदलकर अल्पसंख्यक मामलों और चार क्षेत्र विकास निदेशालय किया जाएगा।
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भैंस और बैलों की लड़ाई की अनुमति
मंत्रिमंडल ने माघ बिहू के दौरान पारंपरिक भैंस और बैलों की लड़ाई की अनुमति के लिए एसओपी जारी करने की भी मंजूरी दे दी है। एसओपी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जानवरों पर जानबूझकर यातना या क्रूरता न की जाए। हर साल होने वाली भैंस की लड़ाई के दौरान आयोजकों द्वारा जानवरों का ध्यान रखा जाए। बता दें, ये सदियों पुरानी असमिया सांस्कृतिक परंपरा का एक हिस्सा है।
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259 करोड़ रुपये मंजूर
मंत्रिपरिषद ने राज्य भर में पुस्तकालयों के निर्माण के लिए 259 करोड़ रुपये मंजूर किए। बता दें, छात्रों में पढ़ने की ललक पैदा करने के लिए पूंजी निवेश 2023-24 के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना के तहत बच्चों और किशोरों के लिए पुस्तकालय और डिजिटल बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा।
इस योजना का उद्देश्य 2,197 ग्राम पंचायतों और 400 नगरपालिका वार्डों में नए पुस्तकालयों का निर्माण और इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ पुस्तकों, फर्नीचर, कंप्यूटरों की खरीद शुरू करना है।