Assam: रतन टाटा से लेकर आशा कार्यकर्ता तक, असम सरकार ने इन्हें प्रदान किए राज्य के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार
असम सरकार हर साल असम दिवस के मौके पर समाज के प्रति उल्लेखनीय कार्य करने वाले अलग-अलग वर्गों को तीन तरह के पुरस्कारों से सम्मानित करती है।
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असम सरकार ने सोमवार को अपने सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों का एलान किया। इन पुरस्कारों के लिए विभिन्न क्षेत्रों के 19 लोगों को चुना गया है। इनमें कोविड-19 अग्रिम मोर्चे के कर्मचारियों से लेकर उद्यमी और संरक्षणवादी शामिल हैं। उद्योगपति रतन टाटा को राज्य के नवगठित सर्वोच्च नागरिक अवार्ड 'असम वैभव' से सम्मानित किया गया, पांच और लोगों को 'असम सौरव' और 12 को 'असम गौरव' अवार्ड प्रदान किया गया।
राज्यपाल प्रोफेसर जगदीश मुखी ने राजधानी गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम में यह पुरस्कार प्रदान किए। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी मौजूद रहे। हालांकि, रतन टाटा इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने इसे लेकर मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा और राज्य सरकार को इस पुरस्कार से सम्मानित किए जाने के लिए धन्यवाद कहा। वह बाद में मुंबई में मुख्यमंत्री सरमा से यह पुरस्कार ग्रहण करेंगे।
'असम सौरव' अवार्ड से सम्मानित किए गए प्रोफेसर दीपक चंद जैन भी यहां मौजूद नहीं थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि वह विदेश में होने के चलते यहां नहीं आ सके। कार्यक्रम के बाद राज्यपाल ने एक ट्वीट में कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 19 लोगों को राज्य के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों से सम्मानित कर गर्व महसूस कर रहा हूं। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं।
इन शख्सियतों को दिया गया 'असम सौरव' अवार्ड
जिन लोगों को 'असम सौरव' अवार्ड से सम्मानित किया गया उनमें प्रोफेसर जैन के अलावा शिक्षाविद प्रोफेसर कमलेंदु देव करोरी, ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन, कलाकार नील पवन बरुआ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राज्य निदेशक डॉ. लक्ष्मण एस शामिल रहे। इस अवार्ड के साथ विजेता को चार लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है।
इन लोगों को प्रदान किया गया 'असम गौरव' अवार्ड
'असम गौरव' अवार्ड से नवाजे जाने वाले लोगों में राज्य में कोविड टीकाकरण कार्यक्रम के प्रभारी मुनींद्र नाथ नगाटे और कोरोना की शुरुआत के समय से अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले डॉ. बसंत हजारिका का नाम शामिल है। इसके अलावा एएनएम नर्स नमिता कालिका और आशा कार्यकर्ता बोर्निता मोमिन को भी इस अवार्ड से सम्मानित किया गया है। कलिता अभी तक टीके की एक लाख से अधिक खुराकें लगा चुकी हैं।
वहीं, बोर्निता मोमिन ने अंधविश्वास के खिलाफ काम करते हुए कोविड टीकों के प्रति जागरूकता फैलाई और फुलोगुरी गारो गांव का सफल टीकाकरण किया। इसके अलावा अवैध शिकार के खिलाफ काम करने वाले संरक्षणवादी धरणीधर बोरो, पोल्ट्री किसान आकाश ज्योति गोगोई, सूअर पालक मनोज कुमार बासुमतारी, उद्यमी बॉबी हजारिका और बुनकर हेमोप्रभा चुटिया को भी इस नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इसके अलावा, प्रसिद्ध हेमेटोलॉजिस्ट और हेमटोलॉगिक ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. आसिफ इकबाल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कल्पना बोरो, कारोबारी कौशिक बरुआ, पर्वतारोही खोरसिंग तेरांग को भी इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
पुरस्कार विजेताओं को मिलेंगी राज्य सरकार से ये सुविधाएं
असम गौरव अवार्ड के तहत तीन लाख रुपये की नकद राशि देने का प्रावधान किया गया है। असम वैभव अवार्ड के तहत पांच लाख रुपये की नकद राशि दी जाती है। इसके अलावा सभी पुरस्कार विजेताओं के अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में राज्य सरकार दो लाख रुपये सालाना के हिसाब से इलाज का खर्च भी वहन करेगी। उन्हें असम भवनों में निशुल्क रहने की सुविधा मिलेगी और सरकारी कार्यक्रमों में निमंत्रित किए जाएंगे।
अगले साल से लोगों की सिफारिशों पर दिए जाएंगे पुरस्कार
इन पुरस्कारों को लेकर नियमों के अनुसार सर्वोच्च अवार्ड असम वैभव हर साल केवल एक ही व्यक्ति को दिया जाएगा। वहीं, असम सौरव तीन लोगों को प्रदान किया जाएगा और असम गौरव 15 लोगों को दिया जाएगा। इस तरह कुल 19 लोगों को अवार्ड दिए जाएंगे। हालांकि, इस साल कुछ कारणों से इस संख्या में थोड़ा परिवर्तन देखने को मिला। अगले साल से ये पुरस्कार लोगों की सिफारिशों के आधार पर प्रदान किए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार जल्द ही एक ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत करेगी जहां लोग अपनी पसंद के लोगों का नाम दे सकेंगे। ये अवार्ड हर साल दो दिसंबर को असम दिवस के अवसर पर प्रदान किए जाएंगे।