असम में बाढ़ से बेहाली और नुकसान का हुआ आकलन, केंद्र ने भेजे 251 करोड़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
असम के 33 में से 31 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 43 लाख लोग इस त्रासदी से प्रभावित हैं, जबकि 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच केंद्र सरकार ने असम राज्य आपदा मोचन बल कोष को मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 251.55 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
प्रदेश के वित्तमंत्री हिमांता बिस्वा सरमा ने इसके लिए पीएम मोदी व अमित शाह का आभार जताया। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत ने डिब्रुगढ़ का हवाई दौरा किया। उन्हाेंने बताया कि सीएम सर्बानंद सोनोवाल से चर्चा के बाद नुकसान आकलन रिपोर्ट केंद्र को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे फंड दिए जाएंगे।
बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में 70 लाख लोग प्रभावित
बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ से 70 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, 44 की मौत हुई है। असम के 33 में से 31 जिलों के 43 लाख नागरिक बाढ़ की चपेट में हैं। यहां 15 नागरिकों को मौत हुई है। बिहार में 12 जिलों की 25 लाख से अधिक का जनजीवन प्रभावित हुआ है, यहां सोमवार शाम तक 24 की मौत हुई है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने बाढ़ राहत कार्यों के लिए के लिए देश में कुल 119 टीमें लगाई गई हैं। हर टीम में 45 सदस्य हैं। टीमों ने असम में करीब 3000 लोगों को बचाया है। असम में आई बाढ़ से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में 150 से अधिक शिकार रोकथाम शिविर प्रभावित हुए हैं। हालांकि इस राष्ट्रीय उद्यान में शिकार पर लगाम लगाने के लिये अधिकारी 24 घंटे काम कर रहे हैं। कांजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों में शामिल है।
उद्यान के कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी किसी भी संभावित घटना से निपटने के लिये देसी और मशीनीकृत नौकाओं की मदद से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। असम के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार राज्य के गोलाघाट और नगांव जिलों में स्थित काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का 90 फीसदी हिस्सा अब तक जलमग्न है।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) के संभागीय वन अधिकारी रोहिणी बल्लभ सैकिया ने कहा कि वन सुरक्षाकर्मियों के अलावा राज्य आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) की टीम भी उद्यान के संवेदनशील स्थानों पर असम पुलिस के साथ तैनात है।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में एक सींग वाले भारतीय गैंडे की दुनिया में सबसे अधिक आबादी है। यहां बाघ, हाथी, भालू (स्लॉथ बियर), बंदर और कस्तूरी हिरन जैसे अन्य जानवर भी हैं। बयान के अनुसार कुछ जानवरों ने उद्यान के अंदर स्थित ऊंचे स्थानों पर शरण ली है और कई राष्ट्रीय राजमार्ग 37 को पार कर कार्बी आंगलोंग में ऊंचाई वाली जगहों पर चले गये हैं।