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असम चुनाव: भाजपा नेता सरमा की प्रतिबंध अवधि घटाने पर भड़की कांग्रेस, मोदी सरकार के दबाव में फैसला बदलने का आरोप

Sat, 03 Apr 2021 06:20 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 03 Apr 2021 06:20 PM IST
सार

  • असम विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में घमासान
  • चुनाव आयोग को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज

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Assam election: Congress angry over reducing the ban period of BJP leader Sarma, accused of changing the decision under pressure from Modi government
रणदीप सिंह सुरजेवाला, महासचिव, कांग्रेस - फोटो : ANI

विस्तार

असम के मंत्री व भाजपा नेता हेमंत बिस्वा सरमा के चुनाव प्रचार करने पर लगे प्रतिबंध की अवधि को चुनाव आयोग ने 48 घंटे से घटाकर 24 घंटे कर दिया है। कांग्रेस ने इस पर सख्त आपत्ति जताते हुए कहा कि यह ‘संसदीय लोकतंत्र के लिए काला दिन’ है। 

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कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया कि चुनाव आयोग ने यह फैसला मोदी सरकार के दबाव में किया है, जिसके लिए उसे इतिहास कभी माफ नहीं करेगा। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने यह आरोप भी लगाया कि ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग ने अपनी नियम पुस्तिका से निष्पक्षता वाला पन्ना फाड़कर फेंक दिया है।
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प्रियंका ने किया यह ट्वीट
उन्होंने ट्वीट किया, 'चुनाव आयोग से हम भाजपा नेता की गाड़ी में ईवीएम मामले में कड़ी कार्रवाई का इंतजार कर ही रहे थे कि आयोग के एक और कदम से ऐसा लगता है कि उसने अपनी रुलबुक से निष्पक्षता वाला पेज फाड़के फेंक दिया है।' प्रियंका ने सवाल किया कि आखिर किस दबाव में धमकी देने वाले भाजपा नेता पर प्रतिबंध 48 घंटे से घटाकर 24 घंटे किया गया?'
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लोकतंत्र के लिए काला दिन
सुरजेवाला ने ट्वीट किया, 'संसदीय लोकततंत्र के लिए काला दिन है। चुनाव आयोग के पास अपने आदेश पर कायम रहने की हिम्मत नहीं है। यह निंदनीय है कि चुनाव आयोग मोदी सरकार के दबाव में झुक गया और सरमा को चुनाव प्रचार से प्रतिबंधित करने का आदेश बदला। इतिहास इस पाप के लिए न तो चुनाव आयोग और न ही भाजपा को माफ करेगा।' 

उन्होंने सवाल किया, 'क्या चुनाव आयोग यह बताएगा कि यह फैसला स्वत: लिया गया या फिर भाजपा या सरमा की तरफ से कोई नई याचिका दायर की गई? अगर ऐसा है, तो फिर इस मामले में शिकायत करने वाले दलों कांग्रेस और बीपीएफ को क्यों नहीं बुलाया गया? क्या यह दंड से मुक्ति के भाव के साथ धमकाने के लिए लाइसेंस देना है?’’

सरमा के वादे पर घटाई प्रतिबंध अवधि
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने असम के मंत्री और भाजपा नेता सरमा पर चुनाव प्रचार प्रतिबंध की अवधि 48 घंटे से कम कर 24 घंटे कर दी। उन्होंने चुनाव आयोग को आश्वासन दिया कि आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का पालन करेंगे, जिसके बाद प्रचार प्रतिबंध की अवधि घटाई गई।


इसलिए लगाया था प्रतिबंध
बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के प्रमुख हागरामा मोहिलारी के खिलाफ कथित तौर पर धमकी भरी टिप्पणी के लिए शुक्रवार को उनके चुनाव प्रचार करने पर चार अप्रैल तक प्रतिबंध लगा दिया गया था।

असम विधानसभा चुनाव के तीसरे एवं अंतिम चरण के लिए प्रचार चार अप्रैल की शाम को समाप्त हो जाएगा। राज्य में अंतिम चरण के चुनाव छह अप्रैल को होंगे।

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