Assam: आतंकी चेतावनी पर असम के डीजीपी की दो-टूक, बोले- धमकियों से डरने वाला नहीं, कठोर कार्रवाई करेंगे
असम के डीजीपी जीपी सिंह ने कहा कि हम असम के हित में काम कर रहे हैं। असम की उन्नति के लिए काम कर रहे हैं। सरकार और जनता का प्यार मिल रहा है। मैं एक बात कहना चाहता हूं कि आप लोग (उग्रवादी) भी जंगल से बाहर आइए, असम की उन्नति के लिए काम कीजिए।
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असम के डीजीपी जीपी सिंह ने कहा है कि जो भी गलत काम करेंगे, उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई करेंगे। असम की कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जो भी कार्रवाई करनी होगी करेंगे। यहां का माहौल खराब करने की इजाजत किसी को नहीं देंगे। अमर उजाला के साथ खास बातचीत में सिंह ने कहा, धमकियां मिलती रहती हैं। धमकियों से डरने वाला नहीं हूं। मुझे जो जिम्मेदारी दी गई है, उसका निर्वाह करना मेरा फर्ज है। उल्लेखनीय है कि रविवार को यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असोम (स्व.) की ओर से मीडिया को जारी मेल में डीजीपी सिंह को असम छोड़ने की धमकी दी गई थी।
सिंह ने कहा, मैं धमकियों से डरने वाला नहीं हूं। लेकिन एक बात कह देना चाहता हूं कि यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असोम (स्व.) असली या नकली के नाम पर जो भी व्यापारियों से जबरन धन वसूली करता पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ कठोर से कठोर एक्शन लिया जाएगा। असम के अंदर किसी को भी माहौल बिगाड़ने की इजाजत नहीं देंगे। किसी को भी कानून को अपने हाथ में लेने नहीं देंगे।
जबरन वसूली के लिए आ रहे फोन की जांच जारी
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, जबरन वसूली के लिए व्हाट्सएप पर मैसेज आ रहे हैं। इसी तरह से लोगों को खास तौर पर ऊपरी अमस डिब्रूगड़, तिनसुकिया, चराईदेव और शिवसागर में जो फोन आ रहे हैं वे अरुणचाल प्रदेश से, या नगालैंड से या फिर म्यांमार से आ रहे हैं। हम इन सबकी जांच भी कर रहे हैं। लेकिन अगर कोई असम के किसी भी हिस्से से चिट्ठी देता या फोन करता या मोबाइल पर पैसों की मांग करता हुआ पकड़ा जाएगा तो उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई करेंगे।
एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा, हमको प्रदेश छोड़ने के लिए कह रहे हैं। हम तो असम के हित में काम कर रहे हैं। असम की उन्नति के लिए काम कर रहे हैं। सरकार और जनता का प्यार मिल रहा है। मैं एक बात कहना चाहता हूं, आप लोग भी जंगल से बाहर आइए, असम की उन्नति के लिए काम कीजिए।
व्यापारियों को किसी से डरने की जरूरत नहीं...
सिंह ने कहा, मेरे मन में कोई शंका, आशंका या संशय नहीं है। किसी आम आदमी को कोई परेशानी नहीं हो रही है। पुलिस आम आदमी को किसी तरह से परेशान नहीं कर रही है। कोई अवैध वसूली करने के बाद अगर भागने की कोशिश करता है तो पुलिस उसके खिलाफ एक्शन लेगी। पिछले दिनों जो लोग जबरन वसूली करते हुए पकड़े गए हैं, उनकी जांच चल रही है। राज्य के लोगों को, व्यापारियों को यह विश्वास दिलाता हूं कि उनको किसी से डरने की जरूरत नहीं है।
क्यों दी गई डीजीपी को धमकी
पिछले कुछ दिनों में ऊपरी असम में व्यापारियों और लोगों को यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असोम (स्व.) असली या नकली के नाम पर जबरन वसूली के पत्र मिल चुके हैं। इस संबंध में पुलिस ने दो लोगों को पैसों के साथ गिरफ्तार भी किया है। इस पर रविवार को असम के डीजीपी ने ट्विट किया था कि जो जबरन वसूली के मामले में पकड़े जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद, यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असोम (स्व.) की ओर से मीडिया को मेल भेजकर डीजीपी को धमकी दी गई।