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Hindi News ›   India News ›   Assam Cabinet: Chief Minister fixed the limit till May 10 for disposal of old files in the state secretariat, will also launch online portal

Assam Cabinet: राज्य सचिवालय में पुरानी फाइलों को निपटाने के लिए 10 मई तक की सीमा तय, मुख्यमंत्री का फैसला

Mon, 17 Jan 2022 10:50 PM IST
न्यूज डेस्क न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: न्यूज डेस्क Updated Mon, 17 Jan 2022 10:50 PM IST
सार

सचिवालय में साफ-सफाई, काम के विकेन्द्रीकरण और ई-ऑफिस की ओर पहल करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

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Assam Cabinet: Chief Minister fixed the limit till May 10 for disposal of old files in the state secretariat, will also launch online portal
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा - फोटो : twitter.com/himantabiswa

विस्तार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को अपनी सरकार के कार्यकाल का पहला साल पूरा होने पर सचिवालय के कर्मचारियों से 10 मई तक सभी लंबित फाइलों का निपटान सुनिश्चत करने को कहा है। उन्होंने कहा कि सचिवालय में फाइलों के बैकलॉग को दूर करने के उद्देश्य से एक फरवरी को एक विशेष प्रयास ‘प्रोजेक्ट सद्भावना’ शुरू किया जाएगा। इसी के साथ सचिवालय में साफ-सफाई, काम के विकेन्द्रीकरण और ई-ऑफिस की ओर पहल करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

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सचिवालय में आने-जाने वालों की भारी भीड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय के कर्मचारी दिन में दो से तीन घंटे काम करते हैं और फाइलों और मामलों का निपटारा नहीं होने के कारण पूरे साल राज्य सचिवालय में आने-जाने वालों की भारी भीड़ रहती है। 
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सात प्रतिशत आम जनता करती है सचिवालय का दौरा
एक सर्वेक्षण में पाया गया है कि केवल सात प्रतिशत आम जनता सचिवालय का दौरा करती है। 29 प्रतिशत अपने विभागीय कार्यवाही और स्थानान्तरण के लिए आते हैं, वहीं 24 प्रतिशत ठेकेदार हैं। इसी के साथ 12 प्रतिशत शिक्षक हैं, 6.5 प्रतिशत निजी कंपनियों के प्रतिनिधि हैं और छह प्रतिशत सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। इसके अलावा शिक्षा विभाग में 27 प्रतिशत, पीडब्ल्यूडी में 19 प्रतिशत, पेंशन में आठ प्रतिशत और जल संसाधन विभाग में पांच प्रतिशत आंगतुक आते हैं।
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पुरानी व्यवस्था में बदलाव जरूरी
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पुरानी व्यवस्था बदलनी चाहिए और रखी फाइलों का सामूहिक निर्णय लेकर निस्तारण किया जाना चाहिए।

ऑनलाइन पोर्टल भी होगा लॉन्च
'प्रोजेक्ट सद्भावना' 1 फरवरी को शुरू की जाएगी। इसी के साथ जनता के लिए फाइल नंबर साझा करने या अपना अनुरोध पत्र अपलोड करने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा।

हर विभाग में नोडल अधिकारी की नियुक्ति
प्रत्येक विभाग का एक नोडल अधिकारी अपलोड की निगरानी करेगा और प्रमुख सचिव उनका साथ देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन मामलों में निर्णय नहीं लिया जा सकेगा, उन्हें वह स्वयं देखेंगे।

10 मई से पहले पुरानी फाइलों का निपटान
10 मई 2021 से पहले की सभी फाइलों को इस साल उस तारीख से पहले निपटाना होगा, चाहे संबंधित व्यक्ति ने पोर्टल के माध्यम से संपर्क किया हो, या नहीं। उन्होंने कहा कि उस दिन के बाद की अवधि में फाइलें और मामले अपनी गति से आगे बढ़ेंगे। कैबिनेट जरूरत पड़ने पर मंथन करेगी और मामलों को निपटाने के लिए नए तरीके अपनाएगी।


होल्ड पर रखा जाएगा संवेदनशील मामलों को 
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनावश्यक फाइलों को मशीनों से काट दिया जाएगा। संवेदनशील प्रकृति के लोगों को अभिलेखागार अनुभाग में रखा जाएगा और जिन्हें अनिवार्य अवधि के लिए रखने की आवश्यकता है उन्हें भंडारण सुविधा में भेजा जाएगा।

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