Assam: एआईयूडीएफ का दावा- छह कांग्रेस विधायक बदल सकते हैं पाला, बिहार से भाजपा का पतन शुरू
एआईयूडीएफ के नेता ने यह भी कहा कि दो सितंबर को बारपेटा जिलाध्यक्ष और राज्य स्तरीय महासचिव समेत कांग्रेस के कई नेता बारपेटा में एआईयूडीएफ में शामिल होंगे। भाजपा अगले 5-6 साल में खत्म होने वाली है।
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असम की विपक्षी पार्टी एआईयूडीएफ (AIUDF) ने दावा किया है कि राज्य में कांग्रेस के छह विधायक उसके संपर्क में हैं। 2-3 विधायक तो पार्टी के साथ हैं।
एआईयूडीएफ के महासचिव करीमुद्दीन बरभुइया ने कहा कि छह माह पहले मैंने कहा था कि कुछ कांग्रेस विधायक हमारे साथ आएंगे। कुछ विधायकों ने पार्टी प्रमुख बदरुद्दीन अजमल से मिले हैं। हम उपचुनाव नहीं चाहते हैं, इसलिए हम इंतजार कर रहे हैं। कांग्रेस के छह विधायक हमारे संपर्क में हैं।
Assam | 6 months ago I said, some Congress MLAs will share the dais with us. 2-3 Congress MLAs are with us. They met our party supremo Badruddin Ajmal. We don’t want bye-elections, so we're waiting. Six Congress MLAs are in touch with us: Karim Uddin Barbhuiya, AIUDF General Secy pic.twitter.com/z61wnU6OhE
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 24, 2022
बरभुइया ने कहा कि दो सितंबर को बारपेटा जिलाध्यक्ष और राज्य स्तरीय महासचिव समेत कांग्रेस के कई नेता बारपेटा में एआईयूडीएफ में शामिल होंगे। एआईयूडीएफ के नेता ने यह भी कहा कि भाजपा अगले 5-6 साल में खत्म होने वाली है। उसका पतन बिहार से शुरू हो गया है, लोग उन्हें दोबारा स्वीकार नहीं करेंगे।
एआईयूडीएफ का असम की मुस्लिम आबादी में काफी प्रभाव है। इसका गठन 2 अक्तूबर 2005 को मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने किया था। उस वक्त इसका नाम AUDF यानी असम यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट था। 2009 के लोकसभा चुनाव के वक्त मौलाना बदरुद्दीन ने नाम बदलकर AIUDF यानी ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट कर दिया। मौलाना बदरुद्दीन ने हमेशा पार्टी गठन के पीछे राजनीतिक तौर पर कमजोर लोगों की मांगों और हक को आवाज देना बताया जबकि उनके विरोधी आरोप लगाते रहे कि मौलाना बदरुद्दीन ने बांग्लादेश से आए लोगों को संरक्षण देने के लिए पार्टी बनाई है।