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असम: 62 साल की महिला ने रेशम के कपड़े पर बुन डाली पूरी श्रीमद्भगवद्गीता

Tue, 28 Aug 2018 01:38 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डिब्रूगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डिब्रूगढ़ Updated Tue, 28 Aug 2018 01:38 PM IST
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Assam: 62 year old woman weaved the entire Bhagavad Gita on Silk Cloth
हेमप्रभा चुटिया

असम की रहने वाली महिला 62 साल की महिला बुनाई को नई ऊंचाईयों पर ले गई हैं। इस महिला का नाम हेमप्रभा चुटिया है। उन्होंने पूरी श्रीमद्भगवद्गीता को संस्कृत में रेशम के एक कपड़े पर बुन दिया है। हिंदुओं के लिए बहुत पवित्र श्रीमद्भगवद्गीता में संस्कृत में 700 श्लोक हैं और यह महाकाव्य महाभारत का हिस्सा है। हेमप्रभा डिब्रूगढ़ जिले के मोरन की निवासी हैं। उन्होंने अपनी इस अनूठी रचना को रविवार को खत्म किया।

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वह श्रीमद्भगवद्गीता पर पिछले 20 महीनों से लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने 4 दिसंबर 2016 को इसपर काम करना शुरू किया था। मुगा रेशम के जिस कपड़े पर उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता लिखी है उसकी लंबाई 150 फीट और चौड़ाई 2 फीट है। उन्होंने पवित्र किताब के एक अध्याय को भी अंग्रेजी में बुना है। 
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हेमप्रभा ने कहा, 'इस पवित्र कार्य को करने की मेरी बड़ी इच्छा थी क्योंकि यह हमारे धर्म और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। इससे पहले मैंने शंकरदेव के गुणमाला और महादेव के नाम घोसा को रेशम के कपड़े पर बुना था। मैं बहुत खुश हूं कि मेरे काम को म्यूजियम में संरक्षित रखा जाएगा।' 
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2014 में हेमप्रभा ने शंकरदेव के ग्रंथ 'गुणमाला' को मुगा रेशम के 80 फीट कपड़े पर बुना था। 2016 में उन्होंने माधबदेब के वैष्णव ग्रंथ 'नाम घोष' को कपड़े पर बुना था। अपनी उत्कृष्ट बुनाई के काम के लिए उन्हें कई पुरस्कार मिल चुके हैं। जिसमें बाकुल बोन अवॉर्ड, आई कनकलता अवॉर्ड और राज्य सरकार का हैंडलूम एंड टेक्सटाइल अवॉर्ड शामिल हैं। 

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