Telecom Bill: अश्विनी वैष्णव का विपक्ष पर निशाना, दशकों तक दूरसंचार क्षेत्र में सुधारों को अटकाने का आरोप
वैष्णव ने सोमवार को पेश विधेयक के संदर्भ में कहा कि इसमें उपभोक्ता, स्पेक्ट्रम, लाइसेंस के क्षेत्र में नीतियों में व्यापक बदलाव किया गया है। बिल के प्रावधानों के बारे में वैष्णव ने कहा, इसमें राष्ट्रीय हित के साथ उपभोक्ता हितों की चिंता की गई है।
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सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि दूरसंचार विधेयक से विकसित देशों के अनुरूप व्यापक सुधार व इस क्षेत्र में संभावनाओं के नए द्वार खलेंगे। कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा और उपभोक्ताओं के हितों के लिए इस क्षेत्र में दूसरे देशों की तरह दशकों पहले सुधार की जरूरत थी। हालांकि यूपीए की पिछली दो सरकारों के दौरान इस क्षेत्र में बढ़ी चुनौतियों की अनदेखी की गई।
वैष्णव ने सोमवार को पेश विधेयक के संदर्भ में कहा कि इसमें उपभोक्ता, स्पेक्ट्रम, लाइसेंस के क्षेत्र में नीतियों में व्यापक बदलाव किया गया है। बिल के प्रावधानों के बारे में वैष्णव ने कहा, इसमें राष्ट्रीय हित के साथ उपभोक्ता हितों की चिंता की गई है। मसलन लोगों को व्यावसायिक कॉल्स, संदेशों से बचाने के कानूनी उपाय किए हैं। उनकी निजता की चिंता की है। साथ ही, राष्ट्रीय सुरक्षा व संप्रभुता को चुनौती की स्थिति में किसी भी संचार सेवा या नेटवर्क को अधिकार में लेने का प्रावधान किया है।
जैसा अपराध वैसा दंड
मंत्री ने कहा कि दूरसंचार क्षेत्र में बढ़ रहे अपराधों के प्रति सरकार चिंतित है। निश्चित व्याख्या व ठोस कानून के अभाव में ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाना मुश्किल था। अब इस क्षेत्र में हर अपराध के लिए उसकी प्रकृति के अनुरूप भारी जुर्माने से ले कर जेल की सजा का प्रावधान किया गया है।
सुधार से स्टार्टअप के लिए मौका
विधेयक में लाइसेंस के मामले में व्यापक सुधार किए गए हैं। मसलन सौ तरह के लाइसेंस की जगह अब अनुमति हासिल कर महज क्यूआर कोड से ही काम किया जा सकेगा। राज्यों से जुड़े विवादों के मामले में जिला मजिस्ट्रेट और जिला जज को विवाद सुलझाने का अधिकार दिया गया है। दस्तावेजीकरण को बेहद आसान बना दिया गया है।