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VIDEO: संसद के बाहर नोंकझोंकः केंद्रीय मंत्री बोले- जो भारतीय है वही इस देश में रहेगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 31 Jul 2018 04:28 PM IST
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भाजपा और कांग्रेस सांसद में नोंकझोंक
कांग्रेसी सांसद प्रदीप भट्टाचार्य और केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे में सदन के बाहर असम मुद्दे को लेकर नोंकझोंक हो गई है। इस दौरान चौबे ने कहा कि देश के अवैध नागरिकों को बाहर निकाला जाए। वहीं भट्टाचार्य ने कहा कि ये लोग सदन को मिसलीड कर रहे हैं। इस दौरान दोनों ही नेताओं में काफी देर तक बहस होती रही।
बता दें कि असम में एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स) के ड्राफ्ट को लेकर संसद के बाहर और भीतर विरोधी दल के सांसदों ने विरोध जताया है। लोकसभा में एक सवाल के जवाब में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 'रोहिंग्या शरणार्थियों को राज्य सरकारें देश से बाहर कर सकती हैं। राज्यसभा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, 'राजीव गांधी ने 1985 में असम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जोकि एनआरसी की तरह का था। उनके पास इसे लागू करने की हिम्मत नहीं थी। हमने कर दिया।'
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वहीं राज्यसभा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आप बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं। घुसपैठियों की पहचान करने की हिम्मत आज तक किसी सरकार ने नहीं दिखाई। हंगामे के बीच राज्यसभा पहले 10 मिनट के लिए और फिर कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
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#WATCH: Union Minister Ashwini Choubey and Congress MP Pradip Bhattacharya argue in Parliament premises over #NRCAssam issue pic.twitter.com/lr5JPZ9uvK
— ANI (@ANI) July 31, 2018विज्ञापन
बता दें कि असम में एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स) के ड्राफ्ट को लेकर संसद के बाहर और भीतर विरोधी दल के सांसदों ने विरोध जताया है। लोकसभा में एक सवाल के जवाब में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 'रोहिंग्या शरणार्थियों को राज्य सरकारें देश से बाहर कर सकती हैं। राज्यसभा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, 'राजीव गांधी ने 1985 में असम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जोकि एनआरसी की तरह का था। उनके पास इसे लागू करने की हिम्मत नहीं थी। हमने कर दिया।'
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वहीं राज्यसभा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आप बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं। घुसपैठियों की पहचान करने की हिम्मत आज तक किसी सरकार ने नहीं दिखाई। हंगामे के बीच राज्यसभा पहले 10 मिनट के लिए और फिर कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।