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लोकसभा में तीन तलाक बिल पर बहस के दौरान सरकार पर इस तरह भड़के ओवैसी
Thu, 27 Dec 2018 07:45 PM IST
शशांक गौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शशांक गौर
Updated Thu, 27 Dec 2018 07:45 PM IST
सार
- लोकसभा में तीन तलाक बिल पर हुई जोरदार बहस हुई, विपक्ष ने बिल का विरोध करते हुए इसे सेलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग की
- एमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर तीखा हमला बोला, कहा- इस पर किसी भी पक्ष से नहीं ली गई राय
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विस्तार
लोकसभा में गुरुवार को तीन तलाक बिल पर जोरदार बहस हुई। इस दौरान तकरीबन समूचे विपक्ष ने बिल का विरोध करते हुए इसे सेलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग की। एमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी बहस में हिस्सा लिया और सरकार पर तीखा हमला बोला।
ओवैसी ने कहा- सरकार ने इस बिल पर किसी भी पक्ष से बात नहीं की है। जो लोग विरोध कर रहे हैं उनकी तो छोड़िए, जिनके लिए बिल लाया जा रहा है उनसे तक बात नहीं की गई है।
उन्होंने कहा, आपने (सरकार) समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया और तीन तलाक को आपराधिक करार दे दिया है। क्योंकि यह हमारे खिलाफ इस्तेमाल होगा। लैंगिक अल्पसंख्यकों को धारा 377 में अपनी पसंद की छूट दी गई, तब धार्मिक अल्पसंख्यकों को क्यों नहीं?
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ओवैसी ने कहा, अगर आपकी आस्था आपकी आस्था है, त मेरी आस्था भी मेरी आस्था होनी चाहिए। आपका (सरकार) इरादा सही नहीं है। आप अपना कानून ला सकते हैं लेकिन हम अपने धर्म को जब्त नहीं होने देंगे।
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ओवैसी ने कहा- सरकार ने इस बिल पर किसी भी पक्ष से बात नहीं की है। जो लोग विरोध कर रहे हैं उनकी तो छोड़िए, जिनके लिए बिल लाया जा रहा है उनसे तक बात नहीं की गई है।
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उन्होंने कहा, आपने (सरकार) समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया और तीन तलाक को आपराधिक करार दे दिया है। क्योंकि यह हमारे खिलाफ इस्तेमाल होगा। लैंगिक अल्पसंख्यकों को धारा 377 में अपनी पसंद की छूट दी गई, तब धार्मिक अल्पसंख्यकों को क्यों नहीं?
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ओवैसी ने कहा, अगर आपकी आस्था आपकी आस्था है, त मेरी आस्था भी मेरी आस्था होनी चाहिए। आपका (सरकार) इरादा सही नहीं है। आप अपना कानून ला सकते हैं लेकिन हम अपने धर्म को जब्त नहीं होने देंगे।