Lancet Study: दुनिया में सदी के मध्य तक गर्मी से हुई मौतों में 4.7 गुना तक हो सकती है वृद्धि, लैंसेट का खुलासा
Lancet Study: यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के नेतृत्व में 8 वीं लांसेट काउंटडाउन रिपोर्ट विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) सहित दुनिया भर के 52 अनुसंधान संस्थानों और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के 114 प्रमुख विशेषज्ञों के काम का प्रतिनिधित्व करती है, यह स्वास्थ्य और जलवायु परिवर्तन के बीच संबंधों का सबसे अद्यतित मूल्यांकन प्रदान करती है।
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रिपोर्ट में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया है कि जलवायु परिवर्तन आज जीवन और आजीविका को कैसे नुकसान पहुंचा रही है। 2022 में, व्यक्तियों को औसतन 86 दिनों तक स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक उच्च तापमान के संपर्क में आए। जिनमें से 60 प्रतिशत मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के कारण हुआ।
रिपोर्ट तैयार करने वालों ने उन सरकारों, कंपनियों और बैंकों की "लापरवाही" की निंदा की है जो तेल और गैस में निवेश करना जारी रखे हुए हैं क्योंकि अनुकूलन की चुनौतियां और लागत बढ़ गई है और दुनिया अपरिवर्तनीय नुकसान की ओर बढ़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी है किकि जलवायु परिवर्तन के मूल कारणों से निपटने के लिए गहन और त्वरित उपाय नहीं किए गए तो मानवता का स्वास्थ्य गंभीर खतरे में है।
रिपोर्ट के नए क्षेत्रीय खंड में जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य प्रभावों के अलग-अलग और असमान अनुभवों पर प्रकाश डाला गया है। ये जलवायु परिवर्तन अनुकूलन और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण के स्वास्थ्य सह-लाभों से अब तक लाभान्वित हो रहे हैं। रिपोर्ट के लेखकों ने बताया है कि स्वास्थ्य असमानताओं को कम करने और लोगों के स्वास्थ्य में ऊर्जा संचरण से सुधार हो सकता है।
रिपोर्ट के लेखकों ने तर्क दिया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को शून्य-कार्बन स्तर पर लाने के लिए के लिए तत्काल स्वास्थ्य-केंद्रित कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके अनुसार बेहतर ऊर्जा पहुंच और सुरक्षा, स्वच्छ हवा, सुरक्षित पेयजल, स्वस्थ आहार और जीवन शैली, और अधिक रहने योग्य शहरों के माध्यम से विश्व आबादी के स्वास्थ्य में सुधार के लिए "परिवर्तनकारी अवसर" प्रदान करना चाहिए।
बढ़ती गर्मी दुनिया भर के अरबों लोगों के स्वास्थ्य और अस्तित्व के लिए विनाशकारी खतरा
अध्ययन के नवीनतम आंकड़ों से दुनिया भर में अरबों लोगों के स्वास्थ्य और अस्तित्व के लिए विनाशकारी खतरे का पता चलता है। ऐसे में पूर्व-औद्योगिक स्तरों से तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए कार्रवाई तत्काल की जानी चहिए। वर्तमान में दुनिया में 2100 तक तापमान में 2.7 डिग्री सेल्सियस तक का इजाफा हो सकता है। 2022 में ऊर्जा से संबंधित उत्सर्जन एक नए रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया है, और इससे वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों का जीवन अधर में लटका हुआ है।रिपोर्ट में कहा गया है, "हमारे स्वास्थ्य स्टॉकटेक से पता चलता है कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे आज दुनिया भर में जीवन और आजीविका को नुकसान पहुंचा रहे हैं। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में लैंसेट काउंटडाउन की कार्यकारी निदेशक मरीना रोमानेलो ने कहा, "2 डिग्री सेल्सियस गर्म दुनिया एक खतरनाक भविष्य का संकेत देते हैं। इस दिशा में अब तक किए गए प्रयासों की गति और पैमाना लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की रक्षा के लिए अपर्याप्त हैं।
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के नेतृत्व में 8 वीं लांसेट काउंटडाउन रिपोर्ट विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) सहित दुनिया भर के 52 अनुसंधान संस्थानों और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के 114 प्रमुख विशेषज्ञों के काम का प्रतिनिधित्व करती है, यह स्वास्थ्य और जलवायु परिवर्तन के बीच संबंधों का सबसे अद्यतित मूल्यांकन प्रदान करती है।
पार्टियों के 28 वें संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (सीओपी) से पहले प्रकाशित, रिपोर्ट 47 संकेतक प्रस्तुत करती है जिसमें नए और बेहतर मैट्रिक्स शामिल हैं। स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली बदलते जलवायु के बढ़ते स्वास्थ्य नुकसान से लोगों की रक्षा के लिए रक्षा की पहली पंक्ति है। लेकिन वर्तमान 1.14 डिग्री सेल्सियस हीटिंग स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर दबाव डाल रहा है, सर्वेक्षण किए गए शहरों में से 27 प्रतिशत (141/525) ने जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के कारण स्वास्थ्य प्रणालियों पर चिंता व्यक्त की है।
खराब मौसम के कारण 2022 में 264 अरब डॉलर का हुआ नुकसान
आश्चर्यजनक रूप से, चरम मौसम की घटनाओं के परिणामस्वरूप आर्थिक नुकसान का कुल मूल्य 2022 में 264 बिलियन अमरीकी डालर होने का अनुमान लगाया गया, जो 2010-2014 की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक था। गर्मी के कारण 2022 में वैश्विक स्तर पर 490 अरब संभावित श्रम घंटों का नुकसान हुआ (1991-2000 से लगभग 42 प्रतिशत की वृद्धि), जिसमें आय का नुकसान निम्न (6.1 प्रतिशत) और मध्यम आय वाले देशों (3.8 प्रतिशत) में जीडीपी का बहुत अधिक अनुपात था। ये नुकसान तेजी से आजीविका को नुकसान पहुंचाते हैं, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने और उबरने की क्षमता को सीमित करते हैं।
जलवायु भेद्यता मंच (सीवीएफ) के समर्थन से विकसित किए गए नए अनुमान, 1.5 डिग्री सेल्सियस के लक्ष्य से चूकने पर लोगों के स्वास्थ्य के लिए तेजी से बढ़ते जोखिमों को रेखांकित करते हैं, द लांसेट काउंटडाउन द्वारा निगरानी किए गए हर स्वास्थ्य खतरे के साथ भविष्यवाणी की गई है कि सदी के अंत तक तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने पर स्थिति और खराब हो जाएगी।
इस परिदृश्य के तहत, सदी के मध्य तक गर्मी से संबंधित वार्षिक मौतों में 370 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है, गर्मी के संपर्क में आने से विश्व स्तर पर संभावित श्रम के घंटों में 50 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। अधिक बार हीटवेव से 2041-2060 तक लगभग 525 मिलियन अधिक लोगों को मध्यम से गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना करना पड़ सकता है, जिससे कुपोषण का वैश्विक जोखिम बढ़ सकता है।
साथ में, दुनिया के 20 सबसे बड़े तेल और गैस उत्पादकों ने पिछले साल से अपने अनुमानित जीवाश्म ईंधन उत्पादन स्तर में वृद्धि की है, जिसके परिणामस्वरूप ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन 2040 में 173 प्रतिशत तक वार्मिंग के 1.5 डिग्री सेल्सियस के साथ संगत स्तरों को पार कर जाएगा (उनकी 2022 रणनीतियों से अपेक्षित 112 प्रतिशत की वृद्धि से ऊपर), पेरिस समझौते के अनुपालन को और कम कर देगा। इसके अलावा, जीवाश्म ईंधन कंपनियों ने 2022 में नवीकरणीय ऊर्जा के लिए अपने पूंजी निवेश का सिर्फ 4 प्रतिशत आवंटित किया, जिससे एक स्वस्थ भविष्य पहुंच से बाहर हो गया।