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चुनावी तोहफा : असम सरकार देगी सोना तो मध्यप्रदेश में बेरोजगारों को मिलेगा इतना भत्ता
Thu, 07 Feb 2019 08:25 AM IST
sapna singla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: sapna singla
Updated Thu, 07 Feb 2019 08:25 AM IST
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चुनावों से पहले सरकारे सोने से लेकर भत्ते तक की कर रही हैं घोषणा
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लोकसभा चुनाव होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे में राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी प्राथमिकताएं तय कर दी हैं जिनसे कि वह मतदाताओं को लुभा सकें। केंद्र और राज्य सरकार लोगों को लुभाने के लिए कई तरह की घोषणाएं कर रही हैं। जिसमें किसानों की कर्जमाफी से लेकर कृषकों को आय सहायता देने और बेरोजगारों को भत्ता देने से लेकर सोना देना तक शामिल है।
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भाजपा के शासन वाली असम सरकार में वित्तमंत्री हेमंत बिस्व शर्मा ने बुधवार को 38,000 रुपये की कीमत तक सोना देने की घोषणा की। यह सोना उन दुल्हनों को दिया जाएगा जिनके परिवार की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होगी। उन्होंने उन लड़कियों को ई-बाइक देने का भी वादा किया है जो उच्चतर माध्यमिक परीक्षा में प्रथम श्रेणी लेकर आएंगी। इसके अलावा इस वित्तीय वर्ष में शिक्षा ऋण पर 50,000 रुपये तक की वन टाइम सब्सिडी मिलेगी।
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गुरुवार को मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने बेरोजगारों के लिए प्रति महीने 4,000 रुपये का भत्ता देने की घोषणा की। राजस्थान में यह राशि 3,000 से 3,500 रुपये है। मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार एक योजना की घोषणा करने वाली है जिसमें शहरी युवाओं को 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। यह वादा मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस पर किया है। कांग्रेस के शासन में वृद्धों को मिलने वाली पेंशन को 300 से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया है। इन तीनों ही फैसलों को मंगलवार को मुख्यमंत्री और वित्तमंत्री की हरी झंडी मिल गई है।
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चुनाव के समय में टैक्स ऐसा विषय है जिसे कि राज्य और केंद्र सरकार के वित्तमंत्री बढ़ाना नहीं चाहते हैं। पिछले शुक्रवार को केंद्र सरकार ने उन लोगों को पूरी तरह से टैक्स मुक्त कर दिया जिनकी सालाना आय 5 लाख रुपये तक है। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों और मध्यमवर्ग को भी रियायते दी गईं। बुधवार को लेफ्ट के शासन वाली केरल सरकार ने जीएसटी में बाढ़ कर लगाने के अपने फैसले को टाल दिया। इस टैक्स को लगाने का फैसला इस आधार पर लिया गया था कि जो भी पैसा मिलेगा उसे प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई करने में लगाया जाएगा।
बहुत से राज्यों ने पहले ही किसानों के लिए कर्जमाफी और विशेष पैकेज की घोषणा की हुई है। ओडिशा और झारखंड आय समर्थन दे रहे हैं। वहीं तेलंगाना की रायथू बंधु और ओडिशा की कालिया योजना का सालाना खर्च 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। राजस्थान में बेरोजगारों को दिए जाने वाले भत्ते से अशोक गहलोत सरकार पर 525 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा। पश्चिम बंगाल की बात करें तो वहां बेरोजगारी भत्ता प्रतिमाह 1,500 रुपये है। वहीं हरियाणा में 900 से 1,500 रुपये दिए जाते हैं। केरल में यही राशि 1,440 सालाना है।