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चीनी सैनिकों के पीछे हटने पर बोली कांग्रेस, क्या प्रधानमंत्री बयान वापस लेंगे और माफी मांगेंगे
Mon, 06 Jul 2020 09:27 PM IST
Rohit Ojha
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rohit Ojha
Updated Mon, 06 Jul 2020 09:27 PM IST
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नरेंद्र मोदी, पवन खेड़ा
कांग्रेस ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चल रहे गतिरोध के बीच चीनी सैनिकों के पीछे हटने के लिए सहमति बनने को लेकर सोमवार को सवाल किया। कांग्रेस ने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सर्वदलीय बैठक के समय दिया अपना वह बयान वापस लेंगे और माफी मांगेंगे कि भारतीय सीमा में कोई नहीं घुसा है। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को देश को बताना चाहिए कि चीन कितने किलोमीटर और कहां पीछे हटा है तथा अभी किन इलाकों में घुसपैठ किए हुए है?
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गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में चीनी सेना के पीछे हटने की शुरुआत से एक दिन पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने टेलीफोन पर बात की जिसमें वे एलएसी से सैनिकों के तेजी से पीछे हटने पर सहमत हुए। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि डोभाल और वांग के बीच रविवार को हुई वार्ता में इस बात पर सहमति बनी कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता की पूर्ण बहाली के लिए सैनिकों का जल्द से जल्दपीछे हटना आवश्यक है तथा दोनों पक्षों को मतभेदों को विवाद में तब्दील नहीं होने देना चाहिए। डोभाल और वांग दोनों देशों के बीच सीमा वार्ता से संबंधित विशेष प्रतिनिधि हैं।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने इस घटनाक्रम पर कहा कि गलवां घाटी से चीनी सैनिकों का पीछे हटना स्वागत योग्य कदम है, लेकिन भारत सरकार को चीन को पेगोंग सो इलाके से पीछे हटाने पर जोर देना चाहिए तथा सीमा पर कड़ी चौकसी बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन को यह समझना चाहिए कि सीमा पर शांति और पूर्व की यथास्थिति की बहाली फिर से विश्वास पैदा करने के लिए जरूरी है। पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा कि अब प्रधानमंत्री जी से ये पूछना चाहते हैं कि जो उन्होंने सर्वदलीय बैठक के समय वक्तव्य दिया था, क्या उस वक्तव्य को वापस लेंगे? क्या वह देश से माफी मांगेगे कि हां मुझसे गलती हुई, मैंने ये गलतबयानी कर दी?
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उन्होंने दावा किया कि अब अगर चीन के सैनिक पीछे हट रहे हैं तो ये तो साबित हुआ ना कि वे हमारी सीमा में आए थे। प्रधानमंत्री के बयान को चीन ने अपने लिए एक क्लीनचिट की तरह इस्तेमाल किया। इससे हमारी जो कूटनीतिक मेहनत थी पूरे विश्व में, उसको चोट पहुंची है, उसको आघात पहुंचा है। खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्तर पर बैठा हुआ व्यक्ति जब गलत बयानी करता है तो बहुत गंभीर विषय हो जाता है। मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री जी को स्वयं बाहर आकर बोलना चाहिए कि चीन की सेना कितना किलोमीटर तक पीछे गई है, कहां तक आई थी और कितना पीछे हटी है, अभी भी कितने इलाके पर काबिज है?