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32 साल में पहले रॉ अफसर बने अरविंद सक्सेना संभालेंगे यूपीएससी की कमान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 10 Jun 2018 09:56 PM IST
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देश के लिए भावी ब्यूरोक्रेट चुनने वाले भारतीय लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की कमान रिसर्च एंड एनेलिसिस विंग (रॉ) के किसी पूर्व अधिकारी के हाथों में सौंपी जा रही है। केंद्र सरकार ने अरविंद सक्सेना को 20 जून से आयोग का कार्यवाहक चेयरमैन बनाए जाने की घोषणा की है। सक्सेना वर्ष 2015 में यूपीएससी से सदस्य के तौर पर जुड़े थे और तब वे 32 साल में इस प्रतिष्ठित संस्था में पहुंचने वाले रॉ के पहले अधिकारी बने थे।
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पूर्णकालिक नियुक्ति तक कार्यवाहक चेयरमैन रहेंगे सक्सेना
डीटीयू व आईआईटी दिल्ली के इंजीनियरिंग छात्र रहे हैं अरविंद
दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (वर्तमान में दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय) से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक और आईआईटी दिल्ली से एमटेक करने वाले सक्सेना भारतीय डाक सेवा में 1978 बैच के अधिकारी रहे हैं। वे यूपीएससी में वर्तमान चेयरमैन विनय मित्तल से कार्यभार लेंगे, जो 19 जून को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। डाक सेवा में रहने के दौरान वे अलीगढ़ में स्टाम्प व सील फैक्ट्री के आधुनिकीकरण के लिए विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) रहे और सहारनपुर में प्रतिष्ठित माने जाने वाले पीएंडटी ट्रेनिंग सेंटर के प्रिंसिपल के तौर पर भी नियुक्त रहे।
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2015 में यूपीएससी सदस्य बनने वाले 32 साल में पहले रॉ अफसर बने थे
1988 में रॉ आए थे
वर्ष 1988 में भारतीय डाक सेवा से रॉ में प्रतिनियुक्ति पर आने वाले सक्सेना को पड़ोसी देशों में रणनीतिक विकास के अध्ययन का विशेषज्ञ माना जाता है। इस दौरान वे जम्मू-कश्मीर में तैनात रहे और चीन, पाकिस्तान सहित 5 देशों में रॉ को अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2014 में अरविंद को एविएशन रिसर्च सेंटर (एआरसी) में विशेष सचिव के तौर पर नियुक्त किया गया, जो वायुसेना की विशेष फ्रंटियर फोर्स के कमांडो को ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराती है और देश के सीमावर्ती इलाकों में मानवरहित विमानों के जरिए निगरानी का काम करती है। वर्ष 2015 में उन्हें यूपीएससी में सदस्य के तौर पर शामिल किया गया और तब से वे यहीं पर तैनात थे।
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