राष्ट्रीय रंग देकर एक बार फिर किस्मत अजमाना चाहते हैं अरविंद केजरीवाल
- 2022 में उ.प्र. विधानसभा चुनाव में दगी योगी सरकार को चुनौती, बिहार में भी विचार
- पंजाब, हरियाणा समेत अन्य राज्यों में करेगी विस्तार, बढ़ाएगी संगठन
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दिल्ली में भाजपा के हौसले पस्त करके मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सॉफ्ट आइरन मैन (विनम्रता के साथ कड़े फैसले) की छवि बना ली है। केजरीवाल अब एक बार फिर दिल्ली की सत्ता में वापसी के साथ अन्य राज्यों में पार्टी की किस्मत अजमाना चाहते हैं। आम आदमी पार्टी के एक रणनीतिकार की माने तो बिहार विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी बड़े पैमाने पर उतरने की तैयारी कर रही है।
केजरीवाल के करीबी बन चुके प्रशांत किशोर भी यही चाहते हैं। इसके अलावा आम आदमी पार्टी 2022 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार को कड़ी चुनौती देने की योजना बना रही है। अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में व्यस्त सूत्र का कहना है कि इंतजार कीजिए। जल्द ही आपको काफी कुछ सूचनाएं मिलेंगी।
दिल्ली के विधानसभा चुनाव ने आम आदमी पार्टी का काफी हौसला बढ़ाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में खूब प्रचार किया। अपनी विचारधारा के कड़वे बोल भी बोले। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी दिल्ली आए। भाजपा के साथ मंच साझा किया। भाजपा ने बिहार के निवासियों की बहुलता वाले क्षेत्र में नीतीश कुमार और रालोसपा के नेताओं को अजमाया, लेकिन नतीजा सिफर रहा। आम आदमी पार्टी के नेता के अनुसार दिल्ली की जनता ने इसे नकार दिया है। केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर, सांसद प्रवेश वर्मा की नफरत फैलाने वाली भाषा नहीं चल पाई।
विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी कपिल मिश्रा भी चुनाव में हार गए। दिल्ली में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सोच और उनका विकास से भरा कामकाज जीता है। इसलिए पार्टी अन्य राज्यों के विधानसभा चुनाव में मजबूती से उतरने की सोच रही है। दिल्ली सरकार में दोबारा मंत्री बने गोपाल राय ने पहले ही निकायों के चुनाव में उतरने का एलान कर दिया है।
यूपी में देंगे कड़ी टक्कर... बिहार में तैयारी
पार्टी के नेता का कहना है कि यूपी का विधानसभा चुनाव होने में दो साल का समय है। पार्टी के यूपी में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हैं। सब कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वहां संगठन को मजबूती देने की तैयारी चल रही है। बिहार में इसी साल चुनाव होना है। बिहार में मजबूत विकल्प देने पर विचार चल रहा है। जिसे अगले महीने तक ठोस स्वरुप देने का काम होगा। दोनों राज्यों में आम आदमी पार्टी को प्रत्याशी उतारने और सफलता पाने का भरोसा बढ़ा है।
जाति, धर्म नहीं... विकास की राजनीति करती है आप
राजेश चौधरी कहते हैं कि आम आदमी पार्टी के साथ एक प्लस प्वाइंट है। पार्टी धर्म और जाति की राजनीति नहीं करती। इसका एजेंडा भ्रष्टाचार मुक्त, साफ सुथरी, जनता के हितों को सोचनी वाली सरकार देने का है। पार्टी विकास की राजनीति करती है। दिल्ली के विधानसभा चुनाव 2020 में पार्टी ने इसे साबित भी किया है। दिल्ली की जनता ने इस पर भरोसा जताया है। चौधरी कहते हैं कि पहले भी आम आदमी पार्टी यूपी समेत कई राज्यों के चुनाव में उतर चुकी है, लेकिन अब नए तरीके से और ठोस योजना के साथ राज्यों के चुनाव में हिस्सा लेगी।