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Kejriwal Bail: दिल्ली में राष्ट्रपति शासन की मांग का अब क्या? केजरीवाल की जमानत से हरियाणा में बदलेंगे समीकरण

Fri, 13 Sep 2024 12:46 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Fri, 13 Sep 2024 12:46 PM IST
सार

दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांगें उठ रही थीं, लेकिन केजरीवाल की रिहाई ने सभी कयासों पर विराम लगा दिया है। वहीं, अरविंद केजरीवाल की रिहाई से भाजपा को हरियाणा में फायदा भी मिल सकता है।

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Arvind Kejriwal: How will President rule be imposed in Delhi how his release will benefit BJP here
अरविंद केजरीवाल - फोटो : एएनआई

विस्तार

अरविंद केजरीवाल को सर्वोच्च न्यायालय से सीबीआई के मामले में भी जमानत मिल गई है। प्रवर्तन निदेशालय में दर्ज शराब घोटाले के मामले में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो आज शाम वे जेल से बाहर आ जाएंगे। 156 दिनों की जेल के बाद अरविंद केजरीवाल के तिहाड़ जेल से बाहर आते ही दिल्ली से लेकर हरियाणा तक के समीकरण बदल जाएंगे। दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांगें उठ रही थीं, लेकिन केजरीवाल की रिहाई ने सभी कयासों पर विराम लगा दिया है। वहीं, अरविंद केजरीवाल की रिहाई से भाजपा को हरियाणा में फायदा भी मिल सकता है।  

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अरविंद केजरीवाल को जमानत ऐसे समय में मिली है, जब दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग उठ रही है। भाजपा के कुछ विधायकों और अन्य नेताओं ने राष्ट्रपति से मिलकर दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की थी। इन भाजपा नेताओं का कहना था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री के जेल में रहने के कारण दिल्ली के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कैबिनेट की बैठकों में भाग नहीं ले पा रहे हैं और वे अधिकारियों से रोजाना के स्तर पर बातचीत भी नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में जनहित के कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, लिहाजा दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए।       
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राष्ट्रपति ने इस पत्र को गृह मंत्रालय को भेज दिया था। इसके बाद इस बात की चर्चा होने लगी थी कि दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। लेकिन अरविंद केजरीवाल के जेल से बाहर आने के बाद अब दिल्ली के सियासी समीकरण बदल गए हैं। 
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हरियाणा पर भी पड़ेगा असर
हरियाणा में इसी समय विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। कांग्रेस से गठबंधन की संभावना समाप्त होने के बाद आम आदमी पार्टी ने प्रदेश की सीटों पर अपने  उम्मीदवार उतार दिए हैं। कांग्रेस-आप के बीच गठबंधन टूटने के पीछे सबसे बड़ा कारण यही बताया गया था कि कांग्रेस आम आदमी पार्टी को दो से अधिक सीटें देने के लिए तैयार नहीं थी, जबकि आम आदमी पार्टी लोकसभा में अपने प्रदर्शन के आधार पर कम से कम दस सीटों पर दावा कर रही थी। बाद में आम आदमी पार्टी नेता संदीप पाठक ने यह कहा था कि जो लोग उन्हें हरियाणा में कमजोर करके आंक रहे हैं, उन्हें बाद में पछताना पड़ेगा। 
त्रिकोणीय लड़ाई में हो सकता है भाजपा को लाभ
अब अरविंद केजरीवाल की रिहाई से हरियाणा में कुछ सीटों पर चुनावी लड़ाई त्रिकोणीय हो सकती है। विशेषकर पंजाब से सटे इलाकों और कुरुक्षेत्र लोकसभा की सीटों पर आप उम्मीदवारों को बढ़त मिल सकती है। यदि ऐसा होता है तो आम आदमी पार्टी को हरियाणा में पैर जमाने का अवसर मिल सकता है। 

अरविंद केजरीवाल के आक्रामक प्रचार से आम आदमी पार्टी कुछ अन्य सीटों पर भी मजबूत हो सकती है। विधानसभा चुनावों में कई बार उम्मीदवारों को दो-चार सौ से लेकर कुछ हजार वोटों के अंतर से जीत-हार मिलती रही है। यदि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों ने कुछ सीटों पर भी इस अंतर से ज्यादा वोट हासिल किया तो परिणाम किसी भी ओर जा सकते हैं। ऐसे में अरविंद केजरीवाल की रिहाई से भाजपा को लाभ हो सकता है तो कांग्रेस के लिए केजरीवाल की रिहाई बुरी खबर भी साबित हो सकती है। 

सत्य की जीत हुई
आम आदमी पार्टी नेता आतिशी मार्लेना ने अरविंद केजरीवाल की रिहाई को सत्य की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि सत्य को हराने के लिए और आम आदमी पार्टी को आगे बढ़ने से रोकने के लिए भाजपा नेताओं के इशारों पर हर साजिश रची गई, लेकिन अंततः सत्य की जीत हुई और अरविंद केजरीवाल अब जेल से बाहर आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब आम आदमी पार्टी और मजबूती के साथ अपना अभियान आगे बढ़ाएगी और जनता के हर कार्य को पूरा करेगी।  

केजरीवाल को मुख्यमंत्री बने रहने का अधिकार नहीं: भाजपा
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि अब अरविंद केजरीवाल को दिल्ली का मुख्यमंत्री बने रहने का अधिकार नहीं है। वे मुख्यमंत्री के तौर पर अब काम नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि यदि वे मुख्यमंत्री के तौर पर काम नहीं कर सकते तो उनके मुख्यमंत्री बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी गिरफ्तारी वैध है और उन पर लगे सभी आरोप वैध हैं।


सचदेवा ने कहा कि उन्होंने कहा कि केजरीवाल को जमानत मिली है, लेकिन बाद में उन्हें जेल जाना पड़ेगा। जयललिता, लालू यादव, मधु कोड़ा जैसे मुख्यमंत्रियों की सूची में उनका नाम जुड़ गया है। उन्हें शीघ्र सज़ा मिलेगी और वे जेल जाएंगे।

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