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Arunachal Pradesh: एशिया के सबसे पुराने बौद्ध मठ में बिजली और स्वास्थ्य सेवाएं खराब, जानिए क्या बोले प्रमुख

Sun, 12 Nov 2023 02:25 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तवांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तवांग Published by: नितिन गौतम Updated Sun, 12 Nov 2023 02:25 PM IST
सार

रिनपोचे ने कहा युवाओं को धर्म पर विश्वास कराने के लिए सिर्फ प्रार्थना और परिक्रमा ही काफी नहीं है बल्कि युवाओं को धर्म को वैज्ञानिक परिपेक्ष्य के साथ पेश करने की जरूरत है। 

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तवांग मठ - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

एशिया के सबसे पुराने बौद्ध मठ अरुणाचल प्रदेश स्थित तवांग मठ में बिजली और स्वास्थ्य सेवाएं अभी भी संतोषजनक नहीं हैं। मठ के प्रमुख एबॉट शेडलिंग तुलकु थुपतेन तेंदर रिनपोचे ने यह बात कही है। रिनपोचे को तवांग मठ का प्रमुख बने एक साल हो गया है। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे मठ के बौद्ध भिक्षु बहुत अनुशासित हैं और अपनी शिक्षाओं पर फोकस करते हैं और वह परंपराओं का भी अच्छे से पालन कर रहे हैं। 
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रिनपोचे ने कहा कि हमारे लिए सबसे बड़ा मुद्दा स्वास्थ्य सेवाएं हैं। अगर कोई स्वास्थ्य इमरजेंसी आती है तो हमें इलाज के लिए गुवाहाटी या तेजपुर जाना पड़ता है। अगर सरकार तवांग में ही स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाओं की व्यवस्था कर दे तो अच्छा होगा। बता दें कि तवांग से गुवाहाटी की दूरी 430 किलोमीटर और तेजपुर की दूरी 330 किलोमीटर है। साथ ही रिनपोचे ने राज्य सरकार से अपील की कि मोनेस्ट्री में निर्बाध रूप से बिजली की सप्लाई की जाए। इससे ना सिर्फ मठ में रहने वाले बौद्ध भिक्षुओं का फायदा होगा बल्कि यहां आने वाले पर्यटकों और वीआईपी लोगों को भी इसका फायदा मिलेगा। 
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तवांग मठ में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। हालांकि पर्यटकों की संख्या बढ़ने से मठ के आसपास कचरे की समस्या भी बढ़ गई है। मठ प्रमुख रिनपोचे ने अपील की कि लोग तवांग मठ घूमने आएं तो साफ-सफाई का ध्यान रखें और कचरा इधर-उधर ना फेंके। इससे पर्यावरण की भी रक्षा होगी। रिनपोचे ने कहा युवाओं को धर्म के प्रति जागरुक करने के लिए धर्म को विज्ञान के साथ जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा युवाओं को धर्म पर विश्वास कराने के लिए सिर्फ प्रार्थना और परिक्रमा ही काफी नहीं है बल्कि युवाओं को धर्म को वैज्ञानिक परिपेक्ष्य के साथ पेश करने की जरूरत है। उन्होंने कहा बौद्ध धर्म मन, मस्तिष्क और ज्ञान प्राप्त करने की यात्रा है और यह सिर्फ ध्यान से नहीं हो सकता, इसके लिए नकारात्मक विचारों को भी दूर रखना पड़ेगा।  
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