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'नेशन वांट्स टू नो' टैगलाइन का इस्तेमाल कर सकते हैं अर्नब गोस्वामी: दिल्ली हाईकोर्ट

Fri, 23 Oct 2020 09:32 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Fri, 23 Oct 2020 09:32 PM IST
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Arnab Goswami can use tagline NATION WANTS TO KNOW as part of speech, says Delhi High Court
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी टैगलाइन 'नेशन वांट्स टू नो' का इस्तेमाल अपने वक्तव्य या प्रेजेंटेशन में कर सकते हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अर्नब गोस्वामी या रिपब्लिक टीवी के स्वामित्व वाली एआरजी आउटलियर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मुकदमा दायर करने वाली बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड ने कहा है कि गोस्वामी किसी भी समाचार चैनल पर अपने वक्तव्य या प्रेजेंटेशन में इस टैगलाइन का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

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बेनेट कोलमैन समूह ने वाद दायर कर आग्रह किया था कि गोस्वामी या एआरजी आउटलायर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड को टाइटल या टैगलाइन के रूप में ‘न्यूजऑवर’ और ‘नेशन वांट्स टू नो’ का इस्तेमाल करने से रोका जाए। वादी पक्ष ने कहा कि ‘टाइम्स नाउ’ समाचार चैनल वादी द्वारा संचालित है जिसके कई कार्यक्रम खंड हैं। इनमें से एक ‘द न्यूजऑवर’ साल 2006 में शुरू किया गया था।
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इसने कहा कि पूर्व में ‘टाइम्स नाउ’ से जुड़े अर्नब गोस्वामी ने 2016 में इस्तीफा देने के बाद अपना चैनल ‘रिपब्लिक टीवी’ और वेबसाइट ‘रिपब्लिक वर्ल्ड डॉट कॉम’ शुरू किया था। उन्होंने स्वामित्व अधिकार का दावा करते हुए ट्रेड मार्क ‘नेशन वांट्स टू नो’, ‘अर्नब गोस्वामी न्यूजऑवर’ और ‘गोस्वामी न्यूजऑवर संडे’ के लिए आवेदन भी किया था।
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गोस्वामी ने अदालत से कहा कि दोनों समाचार चैनलों के दर्शक शिक्षित और काफी समझदार हैं। वे दोनों चैनलों पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर कभी भी भ्रमित नहीं हो सकते। उन्होंने दावा किया कि रिपब्लिक टीवी के साथ बेनेट कोलमैन के वैर-भाव को सब जानते हैं और यह कार्यवाही बदले की मुकदमेबाजी के रूप में शुरू की गई है। यह प्रतिवादियों को परेशान करने का प्रयास है।

इस बीच, अदालत ने बेनेट कोलमैन समूह के एक आवेदन को स्वीकार कर लिया और इसके पक्ष में तथा प्रतिवादियों द्वारा ट्रेडमार्क ‘न्यूजऑवर’ या ऐसे किसी भी ट्रेडमार्क का इस्तेमाल किए जाने के खिलाफ अंतरिम राहत प्रदान कर दी जो बेनेट कोलमैन के ट्रेडमार्क ‘न्यूज ऑवर’ से मिलता-जुलता दिखता हो।

रिपब्लिक टीवी के कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज

रिपब्लिक टीवी के चार पत्रकारों के खिलाफ कथित रूप से मुंबई पुलिस को बदनाम करने और पुलिस कर्मियों के बीच 'असंतोष' पैदा करने के आरोप में शुक्रवार को  प्राथमिकी दर्ज की गई। रिपब्लिक टीवी ने इसे 'मीडिया के अधिकारों पर हमला' बताया है और कहा है कि वह दबाव डालने के हर हथकंडे का डटकर सामना करेगा।

एक अधिकारी ने बताया कि शहर के एनएम जोशी मार्ग थाने में दर्ज प्राथमिकी चैनल पर चलाई गई एक खबर से संबंधित है, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा शहर के पुलिस आयुक्त के खिलाफ 'विद्रोह' करने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि विशेष शाखा के उप निरीक्षक शशिकांत पवार की शिकायत पर पुलिस (असंतोष उत्पन्न करना) अधिनियम,1922 की धारा 3 (1) और भारतीय दंड सहिंता की धारा 500 (मानहानि) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

प्राथमिकी में चैनल की एंकर शिवानी गुप्ता, वरिष्ठ सहायक संपादक सागारिका मित्रा, उप संपादक शवन सेन और कार्यकारी संपादक निरंजन नारायणस्वामी को नामजद किया गया है। वहीं, चैनल ने इस पर ट्वीट किया, 'दुनिया के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है। मुंबई पुलिस आयुक्त संविधान और कानून से ऊपर नहीं हैं।'

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