बच्चों को देशभक्ति का पाठ पढाएंगे पूर्व सैनिक, सरकार करेगी नियुक्त
देशभक्ति पर चल रही राष्ट्रव्यापी बहस के बीच अब सरकार स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भी इसमें शामिल करना चाहती है। सरकार अब छात्र छात्राओं को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने की तैयारी में है और इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी पूर्व सैनिकों को। सेना में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाने वाले जवान अब छात्रों को मानसिक और शारीरिक रूप से भी मजबूत बनाएंगे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
मेल ऑनलाइन के मुताबिक मानव संसाधन मंत्रालय की मुखिया स्मृति ईरानी ने इस काम के लिए सरकार सेना से रिटायरमेंट ले चुके जूनियर कमीशंड ऑफिसर और जवानों को केंद्रीय विद्यालयों में तैनात करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
मंत्रालय के एक सूत्र के अनुसार सेना में 17 साल की नौकरी करने वाले जवानों और अपनी नौकरी पूरी करने वाले जेसीओ को केन्द्रीय विद्यालयों में पीटी शिक्षक के तौर पर रखा जाएगा।
छात्रों के अनुभवों से सीख लेंगे स्कूली छात्र-छात्राएं
उनके अनुसार जवान शारीरिक रूप से तो मजबूत होते ही हैं, कठिन परिस्थितियों को झेलने के लिए भी मानसिक रूप से अभ्यस्त होते हैं। उनका यह व्यक्तित्व छात्रों पर खासा असर डालेगा।
बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रशिक्षित करने के अलावा जवान उनमें देशभक्ति का जज्बा भी जगाएंगे। इस दौरान जवान उन्हें अपनी कठिन तैनातियों और वहां होने वाली परिस्थितियों से भी अवगत कराएंगे, जिससे छात्र संघर्ष और जीवटता की सीख ले सकें।
जानकारी के अनुसार इस संबंध में मंत्रालय की ओर से प्रस्ताव तैयार करके चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ सेनाध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह सुहाग के पास भेजा जा चुका है।
मंत्रालय के एक अन्य सूत्र ने बताया कि इसके कई फायदे हैं, जैसे नौकरी पूरी करने के बाद जवानों को नया काम तो मिल सकेगा ही वे राष्ट्र निर्माण में भी अपना सहयोग कर सकेंगे।