फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Army kids plea against stone pelters, NHRC ask report to defence

जवानों के बच्चों ने दायर की पत्थरबाजों के खिलाफ शिकायत, NHRC हुआ गंभीर

Fri, 09 Feb 2018 05:27 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 09 Feb 2018 05:27 PM IST
विज्ञापन
Army kids plea against stone pelters, NHRC ask report to defence
kashmir

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जवानों के बच्चों की तरफ से दायर की गई शिकायत का संज्ञान लिया है। फौजियों के बच्चों ने NHRC से आग्रह किया है कि जवानों पर जिस तरीके से पत्थरबाजी हो रही है उसकी जांच कराई जाए। मानवाधिकार आयोग ने 27 जनवरी को हुई पत्थरबाजी के संदर्भ में इस शिकायत को गंभीरता से लिया है। 

विज्ञापन


एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक भारतीय सेना के जवानों के 3 बच्चों ने न सिर्फ जम्मू कश्मीर, बल्कि अन्य राज्यों में भी जवानों पर हो रहे हमलों की तरफ आयोग का ध्यान खींचा है। उन्होंने अपनी शिकायत में लिखा कि जवानों के मानवाधिकार हनन की भी जांच होनी चाहिए। उनकी अपील है कि इसकी जांच की जानी चाहिए। 
विज्ञापन


एनएचआरसी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए रक्षा मंत्रालय से तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। आयोग ने रक्षा मंत्रालय से कहा कि सारे तथ्यों को जमा करके एक रिपोर्ट तैयार करें, ताकि हम आंकलन कर सकें कि घाटी में जवानों के मानवाधिकारों की क्या स्थिति है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अपनी शिकायत में बच्चों ने कई घटनाओं का तारीख के साथ उल्लेख किया। मीडिया का हवाला देते हुए उन्होंने अपनी शिकायत में लिखा कि 27 जनवरी को शोपियां में पत्थरबाजी बिना किसी कारण और उकसावे के हुई फिर भी सिर्फ जवानों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। उन्होंने लिखा कि कई बार जवानों पर वह लोग ही पत्थर बरसा देते हैं जिनकी सुरक्षा में वह लगे होते हैं। ऐसी स्थिति में आर्मी के खिलाफ ही कार्रवाई होती है। 


बच्चों ने अपनी शिकायत में स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा कि स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह सेना को सुरक्षा प्रदान करें लेकिन ऐसा नहीं होता है। बच्चों ने मानवाधिकार को यह भी याद दिलाया कि विदेशों में जवानों पर पत्थरबाजी करने पर किस तरह की सजा का प्रावधान है।        

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed