LAC: अरुणाचल में एलएसी के समीप अग्रिम चौकियों में होंगे बड़े हेलीपैड, चीन को लेकर सेना की बड़ी मोर्चेबंदी
पूर्वी अरुणाचल प्रदेश में पदस्थ सेना की माउंटेन ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर टीएम सिन्हा ने बताया कि हम अब पूर्वी क्षेत्र के अग्रिम इलाकों में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास कर रहे हैं। चीनी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अग्रिम चौकियों पर विमान पहले ही तैनात कर दिए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय सेना चीन को लेकर किसी भ्रम में नहीं रहना चाहती है। सेना इसीलिए अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की लगभग सभी अग्रिम चौकियों पर एक-एक बड़ा हेलीपैड बनाने जा रही है। इससे एलएसी पर सैनिकों और सैन्य उपकरणों को तेजी से भेजा जा सकेगा।
वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि सीमा पर बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक बड़े अभियान के तहत यह कदम उठाया जा रहा है। प्रत्येक अग्रिम चौकियों और सेना की इकाइयों को भी ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है और इन सभी में समग्र निगरानी और संचार को मजबूत करने के लिए अलग-अलग उपग्रह टर्मिनल होंगे।
सेना ने एलएसी के पार चीनी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अग्रिम चौकियों पर बड़ी संख्या में स्वदेश निर्मित और दूर से चलाए जा सकने वाले विमान ‘स्विच‘ पहले ही तैनात कर दिए हैं। पूर्वी अरुणाचल प्रदेश में पदस्थ सेना की माउंटेन ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर टीएम सिन्हा ने बताया कि हम अब पूर्वी क्षेत्र के अग्रिम इलाकों में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास कर रहे हैं।
सेना ने अरुणाचल प्रदेश में अपनी इकाइयों को बड़ी संख्या में अमेरिका में निर्मित सैन्य वाहन, इस्राइल निर्मित 7.62 एमएम की नेगेव लाइट लाइट मशीन गन और कई अन्य घातक हथियारों से लैस कर दिया है। अग्रिम चौकियों पर अब अमेरिका से 2015 में खरीदे गए चिनूक 47 एफ विमान उतर सकें और वहां से उड़ान भर सकें ऐसे इंतजाम किए जा रहे हैं।
यह बहुद्देशीय विमान है, जो सेना के परिवहन व अन्य जरूरतों की पूर्ति करता है। 2020 में शुरू हुए पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ टकराव के बाद सरकार ने 3500 किलोमीटर लंबी एलएसी पर बुनियादी ढांचे के विकास को तेज कर दिया है। सेना ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में आसानी से परिवहन योग्य व अत्यंत हल्की एम-777 हॉवित्जर तोपों को भी तैनात कर दिया है।