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India Army: 'जम्मू-कश्मीर में यातायात को प्रभावित नहीं करती सेना', संसद में राज्य रक्षा मंत्री का लिखित जवाब

Sat, 30 Nov 2024 02:21 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Sat, 30 Nov 2024 02:21 AM IST
सार

राज्य रक्षा मंत्री संजय सेठ ने कहा भारतीय सेना नागरिकों की आवाजाही को परेशान या रोकती नहीं है। उन्होंने बताया कि जम्मू और श्रीनगर के बीच काफिलों की नियमित आवाजाही होती है और इसके लिए सेना विशेष प्रक्रियाएं अपनाती है।

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Army does not affect traffic in Jammu and Kashmir', written reply of State Defense Minister in Parliament
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना के काफीले के दौरान नागरिकों के यातायात को प्रभावित करने की बात पर राज्य रक्षा मंक्षी संजय सेठ ने संसद में लिखित उत्तर दिया है। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को संसद में बताया कि भारतीय सेना काफिलों की आवाजाही के लिए विस्तृत प्रक्रियाओं का पालन करती है। जिसमें लोगों के दोस्ताना कदम पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
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संजय सेठ का लिखित उत्तर
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने एक लिखित उत्तर में यह कहा कि सेना या अर्धसैनिक बलों की आवाजाही के दौरान श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई बार यातायात को रोका जाता है, लेकिन यह सच नहीं है कि सेना सामान्य यातायात या एंबुलेंस को रोकती है। 
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नागरिकों की आवाजाही प्रभावित नहीं करती सेना- सेठ
संजय सेठ ने कहा भारतीय सेना नागरिकों की आवाजाही को परेशान या रोकती नहीं है। उन्होंने बताया कि जम्मू और श्रीनगर के बीच काफिलों की नियमित आवाजाही होती है और इसके लिए सेना विशेष प्रक्रियाएं अपनाती है, जिनमें सुरक्षा कारणों से काफिलों पर हमले को रोकने के लिए सड़क खोलने वाली पार्टियां भेजी जाती हैं। 
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एंबुलेंस को हमेशा दी जाती है प्राथमिकता- सेठ
इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि काफिलों की आवाजाही के दौरान यातायात अस्थायी रूप से नियंत्रित किया जाता है, खासकर उन जगहों पर जहां एनएच-44 से अन्य सड़कें मिलती हैं। हालांकि, एंबुलेंस को हमेशा प्राथमिकता दी जाती है और उन्हें कहीं भी रोका नहीं जाता।

शहीद सैनिकों के अंतिम संस्कार के स्थान पर दी जानकारी
इसके साथ ही एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि सरकार ने शहीद सैनिकों के अंतिम संस्कार के स्थानों पर स्मारक बनाने का कोई निर्णय नहीं लिया है। इसके बजाय दिल्ली में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का निर्माण किया गया है, जिसमें सभी शहीद सैनिकों के नाम अंकित हैं। मंत्री ने कहा कि इस नीति में कोई बदलाव करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।


प्रौद्योगिकी विकास निधि पर बोले सेठ
इसके अलावा, सेठ ने यह भी बताया कि जनवरी 2023 से अब तक प्रौद्योगिकी विकास निधि (TDF) योजना के तहत 120 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और 43.89 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 16 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) और 20 स्टार्टअप को सहायता दी गई है।
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