सेना की गोपनीयता बरकरार रखने के लिए स्वदेशी प्रणाली विकसित करना जरूरी: सेना प्रमुख
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दिल्ली में आयोजित रक्षा संचार में बोलते हुए सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा कि सुरक्षा बलों के लिए गोपनीयता का मुद्दा सबसे महत्वपूर्ण, अगर इससे समझौता हो जाए तो कोई भी योजान सफल नहीं हो सकती है।
कार्यक्रम में बोलते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि सुरक्षा बलों की गोपनीयता सबसे महत्वपूर्ण है, अगर इससे किसी भी प्रकार का समझौता किया जाए तो कोई भी योजना सफल नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि गोपनीयता बरकरार रखने के लिए, यह महत्वपूर्ण है कि हम स्वदेशी प्रणाली विकसित करें। वर्तमान में हम उन प्रणालियों पर काम कर रहे हैं जिनसे सुरक्षा के प्रति समझौता हो सकता है।
Army Chief General Bipin Rawat at DEFCOM in Delhi:The issue of secrecy is important for security forces, if it gets compromised then no plan can work. To bring in secrecy, it is important that we develop indigenous systems. Today we're operating on systems that can be compromised pic.twitter.com/wXG7QifbPS
— ANI (@ANI) November 26, 2019
सेना प्रमुख ने आगे कहा कि प्रौद्योगिकी तेजी से बदल रही है, अगर हम खरीद चक्रों में सुधार नहीं करते हैं, तो हम हमेशा अप्रचलित उपकरणों के साथ ही काम करते रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमें अपने सेना की जरूरतों के लिए खरीद प्रक्रिया को बरकरार रखने की आवश्यकता है ताकि सेना आधुनिक होती रहें।
Army Chief: Technology is fast changing, if we don't improve procurement cycles,we'll always be operating with obsolete equipment. Instead of having procurement procedures in concentric circles,we need to go into cyclical form so that simultaneous procurement processes can happen pic.twitter.com/1vgiahAjYi
— ANI (@ANI) November 26, 2019