फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Army chief Gen MM Naravane says The military build up by China in the eastern Ladakh region are matters of concern

सेना प्रमुख बोले: पूर्वी लद्दाख के पास चीन की गतिविधियां चिंता का विषय, लेकिन हमारी सेना पूरी तरह से तैयार

Sat, 09 Oct 2021 01:52 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sat, 09 Oct 2021 01:52 PM IST
सार

सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने कहा कि चीन जिस तरह से पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में सेना की तैनाती बढ़ा रहा है वह एक चिंता का विषय जरूर है लेकिन हमारी सेना भी मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

विज्ञापन
Army chief Gen MM Naravane says The military build up by China in the eastern Ladakh region are matters of concern
सेना प्रमुख एमएम नरवणे - फोटो : एएनआई

विस्तार

पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीन द्वारा बड़ी संख्या में सेना की तैनाती और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने शनिवार को चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चीन जिस तरह से पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में सेना की तैनाती बढ़ा रहा है वह एक चिंता का विषय है लेकिन हमारी सेना भी मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि अगर चीनी सेना सर्दियों के दौरान भी तैनाती बनाए रखती है, तो  यहां एलओसी जैसी स्थिति (नियंत्रण रेखा) हो सकती है, हालांकि यह सक्रिय एलओसी जैसी नहीं होगी जैसा कि पाकिस्तान के साथ पश्चिमी मोर्चे पर है।

विज्ञापन


भारतीय सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार
थल सेनाध्यक्ष ने कहा कि अगर चीनी सेना अपनी तैनाती जारी रखती है, तो भारतीय सेना भी अपनी तरफ से अपनी मौजूदगी बनाए रखेगी। उन्होंने कहा कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ कई क्षेत्रों में भारतीय और चीनी सेनाएं लगभग 17 महीनों से गतिरोध पर हैं, हालांकि दोनों पक्ष  बातचीत के बाद कई जगहों से हट भी गए।
विज्ञापन


अगर वे लोग वहां ठहरेंगे तो हमलोग भी वैसा ही करेंगे: सेना प्रमुख
आर्मी चीफ ने कहा कि हां यह चिंता का विषय है, लगातार वहां पर बड़े निर्माण किए जा रहे हैं। इसका मतलब है कि चीन बॉर्डर वाले इलाकों में लंबे समय तक ठहरने वाला है। हमलोगों ने भी अपनी निगाह बनाए रखी है। अगर वे लोग वहां ठहरेंगे तो हमलोग भी वैसा ही करेंगे। बॉर्डर इलाकों में अपने टेंट गाड़ेंगे। हम लोग अपने हिस्से वाले क्षेत्र में विकास और निर्माण संबंधी गतिविधियां बढ़ाएंगे। इसके साथ ही वहां पर सैन्य टुकड़ियों को भी भेजा जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


समझ नहीं आ रहा चीन टकराव क्यों चाहता है: सेना प्रमुख
उन्होंने आगे कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा कि वे लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं। खासकर तब, जब पूरा विश्व कोरोना जैसी महामारी का सामना कर रहा है। चीन भी अपने स्तर पर काफी चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसके बावजूद समझ नहीं आ रहा है कि वे टकराव क्यों चाहते हैं। खैर जो भी कारण हो, लेकिन उन्होंने जो भी टारगेट सेट किया है उसमें उसे कामयाब होने नहीं दिया जाएगा।

आईएसआर के क्षेत्र में काम जारी: सेना प्रमुख
सेना प्रमुख ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के बाद, भारतीय सेना ने महसूस किया कि उसे आईएसआर (खुफिया, निगरानी और टोही) के क्षेत्र में और अधिक काम करने की जरूरत है। इसलिए पिछले एक साल में हमने आधुनिकीकरण पर जोर दिया है। इसी तरह हम आधुनिक हथियार और उपकरण पर भी जोर दे रहे हैं ताकि भविष्य में किसी भी तरह की विकट स्थिति से निपट सकें।


अफगानिस्तान के आतंकियों की घुसपैठ को नाकाम करेंगे जवान
नरवणे ने अफगानिस्तान से आतंकियों की घुसपैठ की आशंकाओं को सिरे से खारिज नहीं करते हुए कहा, ऐसा संभव है क्योंकि दो दशक पहले जब काबुल में तालिबान का राज था तब भी इस तरह की घटनाएं हुईं। लेकिन इसको लेकर चिंता की जरूरत नहीं, हमारे सैनिक घुसपैठ को नाकाम करने में सक्षम हैं। तकनीक से लैस हमारे जवान इस तरह के नापाक मंसूबों को पूरा नहीं होने देंगे। घाटी में आम आवाम की हत्या की घटनाओं के तार तालिबान से जुड़े होने के सवाल पर नरवणे ने कहा कि इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed