{"_id":"68ae677f2a1a4a057f005e7b","slug":"anurag-thakur-says-strong-bilateral-relations-between-india-and-sri-lanka-centuries-old-2025-08-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनुराग ठाकुर बोले: भारत-श्रीलंका के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध सदियों पुराने, देश में लोकतंत्र की जड़ें गहरी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अनुराग ठाकुर बोले: भारत-श्रीलंका के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध सदियों पुराने, देश में लोकतंत्र की जड़ें गहरी
Wed, 27 Aug 2025 07:33 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली/हमीरपुर
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली/हमीरपुर
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Wed, 27 Aug 2025 07:33 AM IST
सार
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा भारत और श्रीलंका दो राष्ट्र नहीं बल्कि दो भाई हैं जिनकी विरासत समान है और जो प्राचीन काल से सांस्कृतिक और भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यता होने के नाते, हमें इस बात पर गर्व है।
विज्ञापन
सांसद अनुराग सिंह ठाकुर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को संसद भवन में श्रीलंका से आए संसदीय प्रतिनिधिमंडल को संबोधित किया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Seat Ka Samikaran: हिसुआ सीट पर अब तक नहीं मिली राजद और जदयू को जीत, कांग्रेस-भाजपा का ऐसा रहा दबदबा
विज्ञापन
अनुराग ने भारतीय राजनीति में संसद की भूमिका, भारतीय लोकतंत्र व संविधान, चुनावी प्रक्रिया, संसदीय समितियों को लेकर श्रीलंकाई सांसदों के प्रश्नों का उत्तर दिया व भारत में लोकतंत्र व संविधान की गहनता व विशालता पर अपने विचार रखे। उन्होंने इस बैठक के दौरान श्रीलंका से आए सभी सांसदों का पारंपरिक हिमाचली रीति से टोपी पहना कर उनका स्वागत किया व सभी सांसदों को भविष्य में देवभूमि आने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि भारत भारत व श्रीलंका के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध सदियों पुराने हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: चिंताजनक: उत्तर भारत में कैंसर जांच में देरी बनी मौत की वजह, आईसीएमआर रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
भारत और श्रीलंका दो राष्ट्र नहीं बल्कि दो भाई हैं जिनकी विरासत समान है और जो प्राचीन काल से सांस्कृतिक और भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यता होने के नाते, हमें इस बात पर गर्व है।