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एंटीलिया एसयूवी केस : एपीआई वझे के वॉट्सएप स्टेटस ने चौंकाया, लिखा- मुझे फंसा रहे लोग, अब दुनिया से अलविदा होने का वक्त आया

Sat, 13 Mar 2021 08:58 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 13 Mar 2021 08:58 PM IST
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Antilia SUV Case: Whatsapp status of API Waze shocked, wrote- People who are framing me, now the time has come to say goodbye to the world
सचिन वझे, मुंबई पुलिस के एपीआई - फोटो : social media

शीर्ष उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित निवास एंटीलिया के बाहर जिलेटिन छड़ों से लदी एसयूवी खड़ी करने के मामले में रोज नए-नए पहलू सामने आ रहे हैं। अब मुंबई पुलिस के सहायक पुलिस निरीक्षक एपीआई सचिन वझे के वॉट्सएप स्टेटस ने चौंका दिया है। उन्होंने इस पर लिखा- 'मुझे फंसा रहे हैं, अब दुनिया से अलविदा होने का समय आ गया है।' हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों की समझाइश पर वझे ने अपना यह स्टेटस हटा लिया है। 

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क्यों हैं वझे विवादों में 
बता दें, मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिली एसयूवी के मालिक मनसुख हिरेन की मौत के मामले में एपीआई वझे घेरे में हैं। शुक्रवार को उनका तबादला मुंबई पुलिस के अपराध गुप्तचर इकाई से नागरिक सुविधा केंद्र में कर दिया गया। 
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वॉट्सएप स्टेटस में यह लिखा था
एपीआई वझे ने लिखा था, ‘3 मार्च 2004 को, सीआईडी में मेरे सहयोगियों ने मुझे झूठे आरोप में गिरफ्तार किया था। वह मामला अभी भी क्लियर नहीं हुआ है, लेकिन अब इतिहास खुद को दोहरा रहा है। मेरे सहकर्मी अब मेरे लिए फिर से एक जाल बिछा रहे हैं। तब और अब की स्थिति में थोड़ा अंतर है। उस समय मेरे पास 17 साल का धैर्य, आशा, जीवन और सेवा थी, लेकिन अब मेरे पास न तो 17 साल का जीवन है और न ही सेवा। बचने की कोई उम्मीद नहीं। यह दुनिया को अलविदा कहने का समय है।’
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बाल ठाकरे ने की थी एनकाउंटर स्पेशलिस्ट वझे की तारीफ 
एपीआई वझे मुंबई पुलिस के पहले एनकाउंटर स्पेशलिस्ट थे। उनके काम की तारीफ शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे ने भी की थी। वझे 30 साल से पुलिस सेवा में हैं। तीन मार्च 2004 को ख्वाजा यूनूस की मौत के मामले में वझे समेत 12 पुलिस वाले सस्पेंड हुए थे। ख्वाजा की मौत कस्टडी में हुई थी। ख्वाजा युनूस 2 दिसंबर 2002 को घाटकोपर में हुए बम ब्लास्ट केस का मुख्य आरोपी था। 49 साल के वझे ने 63 एनकाउंटर किए हैं।


नौकरी छोड़कर शिवसेना का दामन थाम लिया था
वझे ने अपने निलंबन के दौरान 2007 को सेवा से इस्तीफा दे दिया था और वे 2008 में शिवसेना से जुड़ गए थे। सरकार के निर्देश पर मुंबई के तत्कालीन पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने ख्वाजा युनूस की मौत के मामले में सभी पुलिस वालों का निलंबन वापस ले लिया था और वझे भी सेवा में बहाल हो गए थे। करीब 12 साल बाद वझे की पुलिस में वापसी हुई थी। 


वझे पर फडणवीस ने यह आरोप लगाया
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में मनसुख की पत्नी के हवाले से सचिन वझे पर हत्या का आरोप लगाया। अंबानी के घर के बाहर एसयूवी में विस्फोटक मिलने के मामले की जांच महाराष्ट्र एटीएस और एनआईए कर रही हैं। 
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