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एंटीलिया बम मामला: प्रदीप शर्मा को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं; जमानत के लिए नई अर्जी लगाने का निर्देश
Mon, 29 May 2023 05:52 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 29 May 2023 05:52 PM IST
सार
शीर्ष अदालत ने बंबई हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली शर्मा की याचिका पर 18 मई को नोटिस जारी किया था। दरअसल, बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्रदीप शर्मा को जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एंटीलिया बम कांड मामला और व्यवसायी मनसुख हिरन की हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए रिटायर्ड पुलिस अधिकारी को प्रदीप शर्मा को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। उनकी अंतरिम जमानत की मांग वाली याचिका पर सोमवार को शीर्ष कोर्ट ने सुनवाई की। इस दौरान अदालत ने पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा को निर्देश दिया है कि वह अंतरिम जमानत के लिए नई याचिका दाखिल करें। न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की अवकाशकालीन पीठ ने यह निर्देश दिया है।
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मामले में सुनवाई सुनवाई शुरू होते ही पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा के वकील ने मानवीय आधार पर अंतरिम जमानत मांगी। उन्होंने दलील देते हुए कहा कि याचिकाकर्ता की पत्नी की सर्जरी के बाद हालत हर दिन बिगड़ती जा रही है। ऐसे में वह उनकी देखभाल के लिए अंतरिम जमानत मांग रहे हैं।
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इस पर अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने कड़ा विरोध जताया। साथ ही कहा कि प्रदीप शर्मा की पत्नी अक्सर अस्पताल में उनसे मिलती रही हैं। उन्होंने दलील दी कि प्रदीप शर्मा बिना किसी अंतर्वर्ती आवेदन (अपील में आवेदन पहले से ही स्थापित) दाखिल किए बिना अंतरिम जमानत की मांग कर रहे थे। इसे ध्यान में रखते हुए न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की अवकाशकालीन पीठ ने नई याचिका दाखिल करने के लिए कहा। फिलहाल इस मामले को अगली सुनवाई के लिए पांच जून को सूचीबद्ध किया है।
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बता दें कि शीर्ष अदालत ने बंबई हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली शर्मा की याचिका पर 18 मई को नोटिस जारी किया था। दरअसल, बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्रदीप शर्मा को जमानत देने से इनकार कर दिया गया था। साथ ही जिस तरह से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मामले की जांच की थी, उस पर भी हाईकोर्ट ने नाराज़गी जताई थी। प्रदीप शर्मा ने विशेष एनआईए अदालत द्वारा फरवरी 2022 में जमानत याचिका को खारिज करने के आदेश को चुनौती देते हुए बीते साल बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
बाद में 23 जनवरी 2023 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने एंटीलिया के बम से उड़ाने की धमकी देने और व्यवसायी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में गिरफ्तार पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस आरएन लड्डा की पीठ ने प्रदीप शर्मा को जमानत देने से इंकार कर दिया था।
प्रदीप शर्मा को जून 2021 में किया गया था गिरफ्तार
एंटीलिया कांड की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने आरोप लगाया है कि शर्मा ने हिरेन की हत्या करने में अपने पूर्व सहयोगी सचिन वजे की मदद की थी। 25 फरवरी, 2021 को दक्षिण मुंबई स्थित उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास 'एंटीलिया' के पास विस्फोटक से भरी एसयूवी गाड़ी मिली थी। यह एसयूवी ठाणे के रहने वाले कारोबारी मनसुख हिरेन की थी, जो 5 मार्च, 2021 को ठाणे में एक खाड़ी में उनका शव बरामद हुआ था। प्रदीप शर्मा को इस मामले में जून 2021 में गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
पूर्व पुलिस अधिकारी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया था और दावा किया था कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। जबकि एनआईए ने आरोप लगाया है कि हिरेन की हत्या में प्रदीप मुख्य साजिशकर्ता थे। हिरेन को अंबानी परिवार को डराने की साजिश का पता था, इसलिए उनकी हत्या कर दी गई।
मनसुख हिरेन की हत्या में प्रदीप शर्मा मुख्य साजिशकर्ता थे...
एनआईए ने कहा था, प्रदीप शर्मा उस गिरोह के सक्रिय सदस्य थे, जिसने अंबानी परिवार सहित अन्य लोगों को डराने की साजिश रची थी और बाद में मनसुख हिरेन की हत्या कर दी थी, क्योंकि उन्हें इस साजिश के बारे में जानकारी थी। जांच एजेंसी ने दावा किया कि हिरेन को पूरी साजिश (एंटीलिया के पास विस्फोटक लदा वाहन खड़ा करने) की जानकारी थी और दोनों आरोपियों शर्मा और वाजे को आशंका थी कि हिरेन के जरिए इसका खुलासा हो सकता है, जो उनके लिए मुश्किल पैदा कर देगा।