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अंसारुल्लाह आतंकी समूह के 16 लोगों को कोर्ट ने 8 दिन की एनआईए हिरासत में भेजा
Sat, 20 Jul 2019 01:17 AM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 20 Jul 2019 01:17 AM IST
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NIA (सांकेतिक तस्वीर)
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विशेष एनआईए अदालत ने शुक्रवार को कार्यवाही करते हुए अंसारुलाह नाम से आतंकी संगठन चलाने वाले 16 आरोपियों को 8 दिन की हिरासत में भेजा है। इस ग्रुप पर आरोप है कि इन्होंने देश में हमलों को अंजाम देने के लिए धन इकट्ठा किया है।
उनकी 10 दिन की हिरासत के लिए याचिका दायर करते हुए, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के लिए विशेष जघन्य अभियोजक (एसपीपी) ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ के लिए धन के स्रोत, उनके प्रसारण और उपयोग के लिए बड़ी साजिश का पता लगाना आवश्यक है।
एसपीपी ने कहा कि 16 आरोपियों में से सात यूएई की जेल में बंद थे। उन्हें 12 जुलाई को भारत भेज दिया गया और अगले दिन गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है और हमारे देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। यह एक ऐसा मामला है, जिसकी किसी भी पुलिस एजेंसी द्वारा पहले जांच नहीं की गई है। इसलिए इन्हें हिरासत में लेना एक उचित जांच के लिए जरूरी है।
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न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी व्यक्तियों ने एक समूह बनाया था, जिसे वहादत-ए-इस्लामी, जन्नत वहात-उल-इस्लाम-अल-जिहादिया, जिहादी इस्लामिक यूनिट, और अंसारुल्लाह जैसे विभिन्न नामों से जाना जाता था। इनका मकसद हिंसा का सहारा लेकर भारत में इस्लामी शासन स्थापित करना था। यह संगठन आईएस और अल-कायदा का समर्थन भी करता है।
संगठन के लोग आईएस से जुड़े हुए हैं और भारत में आतंकी हमले के लिए सक्रिय रूप से युवाओं की भर्ती कर रहे हैं। अभियोजन पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि माराकेर एक अन्य व्यक्ति सैयद बुहारी के साथ मिलकर भारत सरकार के खिलाफ हिंसक जिहाद को इस्लामिक शासन स्थापित करने के लिए भारत की लोकतांत्रिक राजनीति को अस्थिर करने की साजिश रच रहा था।
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उनकी 10 दिन की हिरासत के लिए याचिका दायर करते हुए, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के लिए विशेष जघन्य अभियोजक (एसपीपी) ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ के लिए धन के स्रोत, उनके प्रसारण और उपयोग के लिए बड़ी साजिश का पता लगाना आवश्यक है।
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एसपीपी ने कहा कि 16 आरोपियों में से सात यूएई की जेल में बंद थे। उन्हें 12 जुलाई को भारत भेज दिया गया और अगले दिन गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है और हमारे देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। यह एक ऐसा मामला है, जिसकी किसी भी पुलिस एजेंसी द्वारा पहले जांच नहीं की गई है। इसलिए इन्हें हिरासत में लेना एक उचित जांच के लिए जरूरी है।
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न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी व्यक्तियों ने एक समूह बनाया था, जिसे वहादत-ए-इस्लामी, जन्नत वहात-उल-इस्लाम-अल-जिहादिया, जिहादी इस्लामिक यूनिट, और अंसारुल्लाह जैसे विभिन्न नामों से जाना जाता था। इनका मकसद हिंसा का सहारा लेकर भारत में इस्लामी शासन स्थापित करना था। यह संगठन आईएस और अल-कायदा का समर्थन भी करता है।
संगठन के लोग आईएस से जुड़े हुए हैं और भारत में आतंकी हमले के लिए सक्रिय रूप से युवाओं की भर्ती कर रहे हैं। अभियोजन पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि माराकेर एक अन्य व्यक्ति सैयद बुहारी के साथ मिलकर भारत सरकार के खिलाफ हिंसक जिहाद को इस्लामिक शासन स्थापित करने के लिए भारत की लोकतांत्रिक राजनीति को अस्थिर करने की साजिश रच रहा था।