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नागरिकता कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दायर
Sat, 04 Jan 2020 09:03 PM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sat, 04 Jan 2020 09:03 PM IST
सार
- याचिका में कानून पर अंतरिम रोक लगाने की मांग
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दायर की गई है। एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ फंडामेंटल राइट्स द्वारा दायर याचिका में कानून को संविधान के तहत मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए अंतरिम रोक लगाने की मांग की है। साथ ही संगठन ने केंद्र सरकार को एनआरसी की तैयारी से दूर रहने का निर्देश देने की मांग की है।
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याचिका में कहा गया है कि एक बार नागरिकता मिल गई तो बाद में अगर कानून को असांविधानिक ठहरा भी दिया जाता है, तो उस व्यक्ति की नागरिकता वापस लेना मुश्किल हो जाएगा। याचिका में कहा गया कि यह कानून, इसके प्रावधान और इसकी अधिसूचना अनुच्छेद 13,14,15,21 का उल्लंघन है और मनमाना है। कानून में धर्म के आधार पर नागरिकता देने की बात है, लिहाजा यह धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत और संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ है। यह मुस्लिमों के साथ भेदभाव वाला है।
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मालूम हो कि सीएए को लेकर पहले ही 59 याचिकाएं दायर की जा चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का परीक्षण करने का निर्णय लेते हुए केंद्र सरकार को नोटिस भी जारी किया है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस अधिनियम पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
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