अनिल कुंबले बने टीम इंडिया के नए कोच
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टीम इंडिया को 16 साल बाद अनिल कुंबले के रूप में भारतीय कोच मिला है। भारतीय क्रिकेटर और दिग्गज स्पिनर रहे अनिल कुंबले टीम इंडिया के नए मुख्य कोच होंगे।
धर्मशाला में चल रहे बीसीसीआई के वार्षिक कॉनक्लेव के बीच बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने प्रेस वार्ता कर टीम इंडिया के मुख्य कोच के पद पर अनिल कुंबले की नियुक्ति की घोषणा की। उन्होंने बताया कि नए कोच का कार्यकाल एक साल का होगा।
बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग कोच पर फैसला बाद में लिया जाएगा। अनिल कुंबले इस माह वेस्टइंडीज दौरे पर जाने वाली टीम के साथ बतौर कोच अपना कार्यभार संभालेंगे। करीब आठ घंटे चली मैराथन बैठक के बाद हुआ कोच का चयन किया गया।
अपने चयन पर प्रतिक्रिया देते अनिल कुंबले ने कहा कि मैं कोच की चुनौती के लिए तैयार हूं। मेरे पास टीम को बेहतर करने को लेकर एक सोच है। मैं टीम को साथ लेकर चलने की पूरी कोशिश करुंगा।
अंतिम समय शामिल हुए रेस में
टीम इंडिया के लिए आ रहे आवेदनों में विक्रम राठौर और ऋषिकेश कानितकर जैसे नाम भी शामिल थे। बीसीसीआई ने कोच के चयन के लिए आवेदन मांगे थे। जब कुंबले ने आवेदन किया था तब ऐसी चर्चाएं थीं कि कुंबले को पहले ही शार्टलिस्ट कर दिया जाएगा।
कोच के मानकों में एक मानक यह भी था कि कोच के पास प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कोचिंग देने का कम से कम एक वर्ष का अनुभव होना चाहिए। अनिल कुंबले यह मानक पूरा नहीं कर रहे थे। कुंबले के पास आईपीएल का अनुभव तो था लेकिन उसे बोर्ड अनुभव के रुप में नहीं मानता।
बीसीसीआई ने जब 57 में से 23 नाम शॉर्टलिस्ट किए तो उसके बाद से यह कयास लगाए जाने लगे कि यदि कुंबले को शार्टलिस्ट किया गया है तो निश्चित ही उन्हें आगे भी बढ़ाया जाएगा। कुंबले का मुख्य मुकाबला टीम इंडिया के डायरेक्टर रह चुके रवि शास्त्री से था। टीम इंडिया के टेस्ट क्रिकेट कप्तान विराट कोहली के संबंध रवि शास्त्री से अच्छे बताए जा रहे थे।
अनिल कुंबले की पत्नी चेतना रमातीर्था ने इस बात पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि टीम इंडिया उनसा भरोसमंद कोच नहीं पा सकती थी।
We will miss him, but very happy as Indian team cant find such a loyal coach: Chethana Ramatheertha (Kumble's wife) pic.twitter.com/fz2X4G4LaJ
— ANI (@ANI_news) June 23, 2016
कोच की रेस में थे 11 दावेदार, चयन में बरती गई पारदर्शिता
अनुराग ठाकुर ने कहा कि इससे पूर्व कोच का चुनाव बोर्ड का अध्यक्ष ही करते थे, लेकिन पहली बार इसके लिए पारदर्शितापूर्ण चयन प्रक्रिया को अपनाया गया। उन्होंने कहा कि जब पूर्व में बोर्ड के अध्यक्ष जगमोहन डालमिया थे और मैं सचिव था।
तब इस प्रक्रिया को शुरू करने की पहल करते हुए क्रिकेट एडवाइजरी बॉडी का गठन किया गया था। इसमें तीन पूर्व क्रिकेट खिलाड़ियों को शामिल किया गया। इन खिलाड़ियों में कोच के पद के लिए सामने आए उम्मीदवारों का साक्षात्कार कर अंतिम सूची बोर्ड को दी।
अनुराग ने कहा कि एक साल के कार्यकाल के बाद अनिल कुबंले के कामकाज का लेखा-जोखा लेकर आगामी समय के लिए उनका दोबारा या किसी अन्य कोच का चयन किया जा सकता है। रवि शास्त्री पर अनुराग ने कहा कि उनको टीम इंडिया का निदेशक बनाने के बाद टीम के प्रदर्शन में बेहतर सुधार हुआ।
टीम ने न सिर्फ भारत बल्कि विदेशों में बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कोच के बाद अब टीम के सहयोगी स्टाफ का चयन भी जल्द ही कर दिया जाएगा। चयन प्रक्रिया पर जानकारी देते हुए बोर्ड के सचिव अजय शिर्के ने बताया कि अंतिम सूची में कुल 11 नाम थे जिनमें चार विदेशी नाम भी शामिल थे।
मैं भी 16 साल बाद बना था बीसीसीआई अध्यक्ष
टीम इंडिया को 16 साल बाद भारतीय कोच मिला है। इतने लंबे अरसे के बाद टीम इंडिया को भारतीय कोच देने पर पूछे सवाल पर अनुराग ठाकुर ने चुटकी लेते हुए बताया कि मैं भी वर्ष 2000 में एचपीसीए का अध्यक्ष बना था और अब 2016 में बीसीसीआई का अध्यक्ष बना हूं।
ऐसे में एक भारतीय कोच की नियुक्ति टीम इंडिया के लिए बेहतर साबित होगी। उन्होंने कहा कि अनिल कुंबले का चयन पारदर्शिता तथा लंबे विचार-विमर्श के बाद किया गया, क्योंकि कुंबले का भारतीय क्रिकेट में बेहतरीन योगदान रहा है। टीम इंडिया के लिए एक बेहतरीन कोच चाहिए था जोकि अनिल कुंबले से बढ़िया और कोई नहीं हो सकता था।