फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Anil Ghanwat says Farmer is real corona warrior, if they are not taken care of, a nationwide movement will be started

अनिल घनवट ने कहा: किसान असली कोरोना योद्धा, इनकी सुध नहीं ली गई तो छेड़ा जाएगा देशव्यापी आंदोलन

Tue, 01 Jun 2021 04:25 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Tue, 01 Jun 2021 04:25 AM IST
विज्ञापन
Anil Ghanwat says Farmer is real corona warrior, if they are not taken care of, a nationwide movement will be started
अनिल घनवट - फोटो : एएनआई

कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई समिति के सदस्य और शेतकरी संगठन के अध्यक्ष अनिल घनवट ने कोरोना काल में केंद्र और राज्य सरकारों पर किसानों का अपमान करने का आरोप लगाया है। किसानों को असली कोरोना योद्धा बताते हुए उन्होंने कहा कि यदि सरकारें इनकी सुध नहीं लेती हैं तो देशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। उन्होंने किसानों के लिए मुआवजा की व्यवस्था करने की मांग की।

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट की बनाई समिति के सदस्य ने केंद्र व राज्य सरकारों का किसानों के अपमान का लगाया आरोप
घनवट ने कहा कि पूरा देश एक साल से लॉकडाउन झेल रहा है। इस दौरान किसानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर देशवासियों को भूखे मरने से बचाया। इसके बावजूद न तो इन्हें कोरोना योद्धा के रूप में स्वीकारा गया, न ही बीमा कवर या आर्थिक मदद के योग्य समझा गया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में किसान बेहाल हैं मगर प्रधानमंत्री से लेकर किसी राज्य के मुख्यमंत्री के मुंह से इनके लिए सम्मान या सराहना का एक शब्द नहीं निकला।
विज्ञापन


बदहाल हो रहे हैं किसान
किसान नेता ने कहा कि होटल व्यवसाय बंद होने के कारण किसानों की हालत दयनीय हो गई है। कृषि उपज औने पौने दामों पर बिक रहे हैं। दूध की एक लीटर की लागत तीस रुपये है। जबकि किसानों को महज 20 से 21 रुपये ही मिल रहे हैं। स्थिति बदतर होने का एक कारण यह भी है कि हरा चारा खुराक दवा और दानापानी की कीमतें आसमान छू रही हैं। इसके बावजूद किसानों को राहत देना तो दूर इन्हें सम्मान तक देना जरूरी नहीं समझा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्यों ने बरती अमानवीयता
उन्होंने राज्यों पर किसानों के प्रति अमानवीयता अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों को आर्थिक मदद देने की जरूरत है। इसके बदले कई राज्य सरकारों ने इस संकटकाल में कर्ज वसूली हेतु जमीन की नीलामी की अनुमति दी, बिजली बिलों के लिए खेतों की बिजली काटी, रही सही कसर दलहन का आयात करके पूरी कर दी।


आंदोलन का आह्वान
उन्होंने दुग्ध उत्पादक किसानों को दस रुपये प्रति लीटर मुआवजा देने और अन्य किसानों के लिए मुआवजा की घोषणा की मांग की। उन्होंने बताया कि सरकार ने अगर ऐसा नहीं किया तो जल्द आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस संबंध में उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कई संगठनों से संपर्क साधा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed